एग्रीस्टेक पोर्टल की गड़बड़ियों से किसानों का हक खतरे में: AAP नेता अभिषेक मिश्रा का राज्य सरकार पर हमला
आम आदमी पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने एग्रीस्टेक पोर्टल की तकनीकी गड़बड़ियों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उनका आरोप है कि गलत भूमि रिकॉर्ड के कारण किसानों को उर्वरक वितरण में नुकसान हो सकता है। पार्टी ने समस्या के समाधान की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्रावर सिंह ,रायपुर। छत्तीसगढ़ में किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म होता जा रहा है। आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक मिश्रा ने एग्रीस्टेक पोर्टल में हो रही तकनीकी गड़बड़ियों को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इसे किसानों के साथ “डिजिटल अन्याय” बताते हुए कहा कि इससे लाखों किसानों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
अभिषेक मिश्रा के अनुसार, पिछले वर्ष भूमि रिकॉर्ड जैसे खसरा और बी-1 का सही तरीके से अपडेट नहीं होने के कारण एग्रीस्टेक पोर्टल में भारी त्रुटियां सामने आई हैं। कई किसानों की जमीन का रकबा पोर्टल में कम दर्ज हो गया है, जबकि कुछ मामलों में पूरी जमीन ही रिकॉर्ड से गायब हो गई है। उन्होंने दावा किया कि केवल सरगुजा-अम्बिकापुर क्षेत्र में ही लगभग 29 हजार हेक्टेयर भूमि का रिकॉर्ड प्रभावित हुआ है, जबकि पूरे प्रदेश में लाखों हेक्टेयर भूमि गलत तरीके से दर्ज की गई है।
उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि इतनी बड़ी समस्या के बावजूद सरकार ने केवल औपचारिकता निभाते हुए सुधार शिविर (Correction Camps) लगाए और पंजीयन तिथि बढ़ाने का दिखावा किया। जमीनी स्तर पर किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया, जिससे किसानों में नाराजगी बढ़ रही है।
मिश्रा ने यह भी कहा कि अब सरकार द्वारा आगामी खरीफ फसल के लिए एग्रीस्टेक पोर्टल में दर्ज रकबे के आधार पर रासायनिक उर्वरकों का वितरण करने का निर्णय किसानों के लिए और भी नुकसानदायक साबित हो सकता है। जिन किसानों का रकबा पोर्टल में कम या गलत दर्ज है, उन्हें उनकी पात्रता से कम उर्वरक मिलने की आशंका है।
उन्होंने इसे सरकार का दोहरा रवैया बताते हुए कहा कि एक ओर सरकार पारदर्शिता और कालाबाजारी रोकने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर किसानों के वास्तविक अधिकारों की अनदेखी कर रही है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है और उनकी खेती पर सीधा असर पड़ेगा।
आम आदमी पार्टी ने राज्य सरकार से मांग की है कि सभी प्रभावित किसानों के भूमि रिकॉर्ड को तत्काल सही किया जाए और एग्रीस्टेक पोर्टल की तकनीकी खामियों की स्वतंत्र जांच कराई जाए। साथ ही, जब तक सभी रिकॉर्ड पूरी तरह से सही नहीं हो जाते, तब तक पुराने रिकॉर्ड के आधार पर ही उर्वरकों का वितरण किया जाए।
इसके अलावा, पार्टी ने किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए उचित मुआवजे की भी मांग की है। अभिषेक मिश्रा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो आम आदमी पार्टी प्रदेशभर में उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
उन्होंने कहा कि पार्टी किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेगी और किसी भी हालत में किसानों का हक छिनने नहीं दिया जाएगा। “हर खेत का सही रकबा और हर किसान को उसका पूरा अधिकार दिलाना हमारी प्राथमिकता है,” उन्होंने जोर देकर कहा।