महासमुंद पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 10 घंटे में 4 करोड़ से ज्यादा का गांजा जब्त, 13 तस्कर गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में “ऑपरेशन निश्चय” के तहत पुलिस ने 10 घंटे के भीतर 685 किलो से अधिक गांजा और 700 नशीली टैबलेट जब्त कर 13 तस्करों को गिरफ्तार किया। जब्त सामग्री की कुल कीमत 4.61 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।

Apr 1, 2026 - 12:10
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महासमुंद पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 10 घंटे में 4 करोड़ से ज्यादा का गांजा जब्त, 13 तस्कर गिरफ्तार

UNITED NEWS OF ASIA. जगदीश पटेल, सरायपाली। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने “ऑपरेशन निश्चय” के तहत नशे के खिलाफ बड़ी और सुनियोजित कार्रवाई करते हुए महज 10 घंटे के भीतर तस्करी के नेटवर्क को करारा झटका दिया है। इस दौरान जिले के चार थाना क्षेत्रों में एक साथ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 685.890 किलोग्राम गांजा और 700 नशीली टैबलेट जब्त कर कुल 13 तस्करों को गिरफ्तार किया है।

इस संयुक्त अभियान में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के साथ बसना, कोमाखान, सिंघोड़ा और महासमुंद थाना पुलिस ने मिलकर काम किया। जब्त मादक पदार्थों की कुल कीमत करीब 3 करोड़ 42 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है, जबकि तस्करी में उपयोग किए गए वाहनों—पिकअप, ट्रक, कार और बाइक—की कीमत करीब 41 लाख 40 हजार रुपये है। कुल मिलाकर इस कार्रवाई में 4 करोड़ 61 लाख 67 हजार रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की गई है।

कार्रवाई के दौरान सबसे बड़ी जब्ती बसना थाना क्षेत्र में हुई, जहां पैकर्स एंड मूवर्स के नाम पर बोलेरो पिकअप में घरेलू सामान की आड़ में 454.890 किलो गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में राजस्थान निवासी आरोपी को गिरफ्तार किया।

वहीं कोमाखान थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग मामलों में एक ट्रक से 25 किलो और एक कार से 200 किलो गांजा जब्त किया गया। यह गांजा ओडिशा से मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश ले जाया जा रहा था। इन मामलों में मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

सिंघोड़ा थाना क्षेत्र में बाइक के जरिए 6 किलो गांजा तस्करी करते दो आरोपियों को पकड़ा गया, जबकि महासमुंद शहर में रेलवे स्टेशन के पास 700 नशीली टैबलेट के साथ 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इन टैबलेट्स का इस्तेमाल नशे के रूप में किया जा रहा था।

पुलिस के अनुसार, तस्कर नशे की सप्लाई के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे थे—कहीं पैकर्स एंड मूवर्स की आड़, कहीं ड्रायफ्रूट से भरे ट्रक, तो कहीं सामान्य बाइक और ट्रेन का उपयोग। लेकिन पुलिस की सटीक रणनीति और त्वरित कार्रवाई के चलते सभी तरीके विफल साबित हुए।

इस पूरे ऑपरेशन में अन्य जिलों की पुलिस का भी सहयोग मिला, जिसमें बिलासपुर पुलिस और रायपुर कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने बताया कि पिछले तीन महीनों में जिले में 63 मामलों में कुल 4054 किलोग्राम से अधिक गांजा जब्त किया गया है और 165 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ महासमुंद पुलिस की “सर्जिकल स्ट्राइक” के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आगे भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे, ताकि नशे के कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।

यह कार्रवाई न केवल तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने में सफल रही, बल्कि यह भी साबित करती है कि पुलिस अब संगठित अपराध के खिलाफ और अधिक सख्ती से काम कर रही है।