रायगढ़ में गरीब परिवारों पर बढ़ा जलकर का बोझ, निगम आयुक्त से शुल्क समायोजन की मांग

रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र के 860 से अधिक गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों पर बढ़ाए गए जलकर को लेकर विरोध तेज हो गया है। नागरिकों ने नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर 60 रुपये मासिक की जगह 200 रुपये प्रतिमाह वसूले जा रहे जलकर को पूर्ववत करने और अतिरिक्त राशि का समायोजन करने की मांग की है। ज्ञापन में दावा किया गया है कि ईडब्ल्यूएस श्रेणी के कई मकानों से भी अधिक जलकर लिया जा रहा है, जबकि निगम परिषद के पुराने प्रस्ताव के अनुसार इन्हें राहत मिलनी चाहिए।

Aug 5, 2026 - 16:22
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रायगढ़ में गरीब परिवारों पर बढ़ा जलकर का बोझ, निगम आयुक्त से शुल्क समायोजन की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल. रायगढ़ l रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र में गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों से वसूले जा रहे जलकर को लेकर विवाद गहरा गया है। बड़ी संख्या में प्रभावित नागरिकों ने नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए जलकर में की गई वृद्धि को वापस लेने और अतिरिक्त वसूली गई राशि का समायोजन करने की मांग की है।

ज्ञापन के अनुसार नगर निगम द्वारा लगभग 860 गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के मकानों से पहले 60 रुपये प्रतिमाह जलकर लिया जाता था, लेकिन वर्तमान में इसे बढ़ाकर 200 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। नागरिकों का कहना है कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ रहा है।

ज्ञापन में वर्ष 2018 में नगर निगम परिषद द्वारा पारित उस प्रस्ताव का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के मकानों को संपत्ति कर से राहत देने और जलकर संबंधी प्रावधानों का उल्लेख किया गया था। आवेदकों का दावा है कि शहर के विभिन्न वार्डों में बड़ी संख्या में ऐसे मकान हैं, जिन्हें शासन की निर्धारित पात्रता के आधार पर गरीब एवं निम्न आय वर्ग के लिए आवंटित किया गया था, लेकिन उनसे भी अधिक जलकर वसूला जा रहा है।

दस्तावेज के अनुसार विभिन्न वार्डों में कुल 777 ईडब्ल्यूएस श्रेणी के मकानों की पहचान की गई है, जबकि शहर में लगभग 83 ऐसे अन्य गरीब परिवारों के मकान भी बताए गए हैं। इस प्रकार करीब 860 परिवार इस मुद्दे से प्रभावित होने का दावा कर रहे हैं।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि नगर निगम के रिकॉर्ड में हजारों मकानों का जलकर अलग-अलग श्रेणियों में दर्ज है और कई मामलों में विसंगतियां मौजूद हैं। आवेदकों ने मांग की है कि सभी पात्र गरीब परिवारों के जलकर का पुनः परीक्षण कर 60 रुपये प्रतिमाह की दर बहाल की जाए तथा पहले से वसूली गई अतिरिक्त राशि का आगामी बिलों में समायोजन किया जाए।

नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर इस संबंध में सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रभावित परिवार आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उनका कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत देना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस मामले में शीघ्र निर्णय लिया जाना चाहिए।

फिलहाल इस ज्ञापन पर नगर निगम प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि प्रशासन नागरिकों की मांग पर क्या निर्णय लेता है।