कबीरधाम पुलिस को वैज्ञानिक जांच की नई ताकत, फिंगरप्रिंट और आधुनिक तकनीकों पर विशेष प्रशिक्षण सम्पन्न

कबीरधाम पुलिस ने अपराध विवेचना को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से फिंगरप्रिंट एवं आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों पर विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की। प्रशिक्षण में विवेचना अधिकारियों को NAFIS, MCU और वैज्ञानिक साक्ष्य संरक्षण की आधुनिक प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई।

Aug 5, 2026 - 15:52
 0  3
कबीरधाम पुलिस को वैज्ञानिक जांच की नई ताकत, फिंगरप्रिंट और आधुनिक तकनीकों पर विशेष प्रशिक्षण सम्पन्न

UNITED NEWS OF ASIA. कबीरधाम। अपराधों की विवेचना को अधिक सटीक, वैज्ञानिक और प्रभावी बनाने की दिशा में कबीरधाम पुलिस ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए फिंगरप्रिंट एवं आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों पर विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया। यह प्रशिक्षण एकता चौक स्थित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में आयोजित हुआ, जिसमें जिले के सभी थाना एवं चौकी के विवेचना अधिकारी, सहायक उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक तथा आरक्षक शामिल हुए।

कार्यशाला का आयोजन पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार और अमित पटेल के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार ने फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ एवं वैज्ञानिक अधिकारी धर्मेंद्र कुमार भारती का स्वागत कर की।

अपने संबोधन में हेमसागर सिदार ने कहा कि वर्तमान समय में अपराध अनुसंधान में वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। आधुनिक तकनीकों के प्रभावी उपयोग से अपराधों की विवेचना अधिक सटीक, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनती है। साथ ही अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में भी उल्लेखनीय सफलता मिलती है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से प्रशिक्षण में मिली जानकारी को दैनिक कार्यों में अपनाने का आह्वान किया।

प्रशिक्षण के दौरान वैज्ञानिक अधिकारी धर्मेंद्र कुमार भारती ने घटनास्थल से चांस फिंगरप्रिंट प्राप्त करने की वैज्ञानिक प्रक्रिया, फिंगरप्रिंट की पहचान एवं संरक्षण, फिंगरप्रिंट डेवलपिंग किट के उपयोग तथा वैज्ञानिक साक्ष्यों के सुरक्षित संकलन और विश्लेषण की विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण को व्यावहारिक स्वरूप देते हुए विभिन्न तकनीकों का प्रदर्शन भी किया गया।

इसके अलावा अधिकारियों को NAFIS (नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम), MCU तथा अन्य आधुनिक वैज्ञानिक विवेचना प्रणालियों के बारे में भी प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण में अपराध स्थल से प्राप्त साक्ष्यों के संरक्षण, अज्ञात आरोपियों की पहचान तथा तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यशाला में उपस्थित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए वैज्ञानिक अनुसंधान से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की। प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस बल को आधुनिक वैज्ञानिक एवं तकनीकी विधियों में दक्ष बनाना, घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों के वैज्ञानिक विश्लेषण को बढ़ावा देना तथा अपराध विवेचना को और अधिक सुदृढ़ बनाना है।

समापन अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार ने फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी धर्मेंद्र कुमार भारती को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। प्रशिक्षण के सफल आयोजन में सहायक उपनिरीक्षक चन्द्रभूषण सिंह, प्रधान आरक्षक मनीष सोनी तथा NAFIS प्रभारी चेतक नाथ योगी और आरक्षक यशवंत तिवारी की विशेष भूमिका रही।

कबीरधाम पुलिस ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से अपराध नियंत्रण एवं प्रभावी विवेचना को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।