बड़े बचेली नगर पालिका ने बल्क वेस्ट जनरेटरों को दिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के पालन के निर्देश
दंतेवाड़ा जिले के बड़े बचेली नगर पालिका परिषद द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में होटल, रेस्टोरेंट और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों को कचरा पृथक्करण, कम्पोस्टिंग और स्वच्छता नियमों की जानकारी दी गई।
UNITED NEWS OF ASIA. नवीन चौधरी, दंतेवाड़ा l दंतेवाड़ा जिले के बड़े बचेली नगर पालिका परिषद द्वारा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम और बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नगर क्षेत्र में संचालित होटल, रेस्टोरेंट और अन्य बड़े व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को नए नियमों की जानकारी देना और उन्हें स्वच्छता अभियान से जोड़ना था। नगर पालिका द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में बड़ी संख्या में बल्क वेस्ट जनरेटरों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने उपस्थित लोगों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के विभिन्न प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने बताया कि भारत सरकार द्वारा लागू किए गए इन नए नियमों का मुख्य उद्देश्य शहरों और नगर क्षेत्रों को स्वच्छ, स्वस्थ और प्रदूषण मुक्त बनाना है। इसके लिए कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करना बेहद आवश्यक है।
बैठक में बताया गया कि नए नियमों के तहत प्रत्येक संस्थान और व्यवसायिक प्रतिष्ठान को कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण करना अनिवार्य होगा। गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग संग्रहित करने के साथ ही सैनिटरी और विशेष श्रेणी के अपशिष्टों का सुरक्षित निपटान सुनिश्चित करना होगा। अधिकारियों ने कहा कि यदि कचरे का उचित प्रबंधन नहीं किया गया तो इससे पर्यावरण और जनस्वास्थ्य दोनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
नगर पालिका अधिकारियों ने बल्क वेस्ट जनरेटरों को ऑन साइट कम्पोस्टिंग और कचरा प्रसंस्करण की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश भी दिए। बताया गया कि बड़े होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कचरा उत्पन्न होता है। ऐसे में उन्हें स्वयं अपने स्तर पर गीले कचरे के निपटान और जैविक खाद निर्माण की प्रक्रिया अपनानी होगी। इससे नगर क्षेत्र में कचरे का बोझ कम होगा और स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनेगी।
कार्यक्रम में यह भी स्पष्ट किया गया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति और दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। नगर पालिका प्रशासन ने सभी प्रतिष्ठानों से अपील की कि वे नियमों का पालन करते हुए नगर को स्वच्छ बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं। अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों और व्यवसायिक संस्थानों की सहभागिता भी आवश्यक है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम में नगर पालिका के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी स्वच्छता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि सभी लोग मिलकर कचरा प्रबंधन के नियमों का पालन करें तो बड़े बचेली को स्वच्छ और स्वस्थ नगर के रूप में विकसित किया जा सकता है।
कार्यक्रम में नगर पालिका के उपाध्यक्ष, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े अधिकारी और विभिन्न व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यशाला के अंत में सभी प्रतिभागियों से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 का पालन करने और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग देने की अपील की गई।