सरायपाली में राज्यपाल रमेन डेका की समीक्षा बैठक: जल संरक्षण, वृक्षारोपण और जैविक खेती पर जोर

छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने सरायपाली में विकासखंड स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर जल संरक्षण, वृक्षारोपण, जैविक खेती और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने के लिए जैविक उत्पादों के वैल्यू एडिशन और जनभागीदारी पर विशेष जोर दिया।

Apr 3, 2026 - 17:24
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सरायपाली में राज्यपाल रमेन डेका की समीक्षा बैठक: जल संरक्षण, वृक्षारोपण और जैविक खेती पर जोर

UNITED NEWS OF ASIA.  जगदीश पटेल, सरईपाली। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने सरायपाली प्रवास के दौरान रेस्ट हाउस में विकासखंड स्तरीय अधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक के दौरान राज्यपाल ने जल संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की और इसे और अधिक गति देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने किसानों को डबरी खनन के लिए अधिक से अधिक प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई कि विकासखंड में 218 डबरियां स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं। राज्यपाल ने इस दिशा में निरंतर प्रयास जारी रखने पर जोर दिया।

वृक्षारोपण को लेकर राज्यपाल ने इसे जनआंदोलन बनाने की बात कही। उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत बड़े पैमाने पर पौधरोपण करने के निर्देश दिए। कैंपा और मनरेगा योजनाओं के माध्यम से शासकीय भवनों, रेस्ट हाउस परिसरों और ग्रामीण क्षेत्रों में फलदार एवं छायादार पौधे लगाने पर बल दिया गया। विभागीय जानकारी के अनुसार क्षेत्र में लगभग 1.50 लाख पौधों का रोपण किया जा चुका है। राज्यपाल ने अमृत सरोवरों के आसपास हरित विकास को बढ़ावा देने और इसमें जनभागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई।

कृषि क्षेत्र की समीक्षा करते हुए राज्यपाल डेका ने जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करने और धान के साथ उद्यानिकी फसलों को शामिल करने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने जैविक चावल के वैल्यू एडिशन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के प्रयासों को गति देने के निर्देश दिए।

स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत उन्होंने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को प्रभावी बनाने, हितग्राहियों से सेवा शुल्क लेने और सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ-सफाई को जनभागीदारी से जोड़ने पर भी बल दिया।

स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए राज्यपाल ने टीबी मरीजों की स्थिति की जानकारी ली और उनके उपचार की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों को टीबी मरीजों को गोद लेने के लिए प्रेरित करने की बात कही। साथ ही रेडक्रॉस से जुड़ाव बढ़ाने और ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर एवं मोतियाबिंद के उपचार के लिए जागरूकता अभियान एवं स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने पर जोर दिया। बेहतर उपचार के लिए एम्स से समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए।

राज्यपाल ने योग को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि बच्चों में प्रारंभ से ही योग की आदत विकसित की जानी चाहिए। इसके लिए नियमित प्रशिक्षण और कक्षाओं का आयोजन किया जाए। उन्होंने अधिक से अधिक पुस्तकालय खोलने और महिला स्व-सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों से जोड़कर “लखपति दीदी” बनाने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए।

इस बैठक में सरायपाली विधायक चतुरी नंद भी उपस्थित रहीं। कलेक्टर विनय लंगेह ने जिले में संचालित विकास कार्यों एवं प्रमुख योजनाओं की प्रगति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

बैठक में पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, एसडीएम अनुपमा आनंद सहित विकासखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

इस प्रकार राज्यपाल की इस समीक्षा बैठक में विकास कार्यों को गति देने, पर्यावरण संरक्षण, कृषि उन्नयन और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए, जो क्षेत्र के समग्र विकास में सहायक सिद्ध होंगे।