बीजापुर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई, माओवादियों के डंप से हथियार और 65 लाख नकद बरामद
बीजापुर में सुरक्षा बलों ने संयुक्त ऑपरेशन के दौरान माओवादियों के पुराने डंप से भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक सामग्री और 65 लाख रुपये से अधिक नकद बरामद किया है। इस कार्रवाई को नक्सल नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।
UNITED NEWS OF ASIA. पी सतीस कुमार, बीजापुर l छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान माओवादियों के पुराने ठिकानों और डंप से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक सामग्री और लाखों रुपये नकद बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई को नक्सली नेटवर्क के खिलाफ अब तक की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार बीजापुर पुलिस, डीआरजी, एसटीएफ, कोबरा और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने जंगलों में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान माओवादियों द्वारा छिपाकर रखे गए डंपों का पता लगाया। ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने कुल 65 लाख 52 हजार रुपये नकद जब्त किए। इसके अलावा एलएमजी, एसएलआर, कार्बाइन और .303 रायफल समेत कुल 32 घातक हथियार भी बरामद किए गए।
बरामद सामग्री में बड़ी मात्रा में जिंदा कारतूस, विस्फोटक सामग्री और अन्य नक्सली उपयोग के सामान भी शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक यह डंप लंबे समय से जंगलों में छिपाकर रखा गया था, जिसका उपयोग माओवादी संगठन अपनी गतिविधियों के लिए कर रहे थे।
पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव ने बताया कि जिले को नक्सलमुक्त बनाने के उद्देश्य से लगातार एरिया डोमिनेशन और सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है। ग्रामीणों के सहयोग और मजबूत आसूचना तंत्र के कारण सुरक्षा बलों को यह बड़ी सफलता मिली है।
अधिकारियों के अनुसार हाल ही में लगभग 140 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट और यूरिया भी बरामद किया गया था, जिसे सुरक्षा मानकों के तहत नष्ट कर दिया गया। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस कार्रवाई से माओवादियों की लॉजिस्टिक सप्लाई, हथियार आपूर्ति और आईईडी निर्माण क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
बीजापुर में चल रहे नक्सल विरोधी अभियानों के आंकड़े भी सुरक्षा बलों की लगातार सक्रियता को दर्शाते हैं। वर्ष 2024 से अब तक संयुक्त अभियानों में 234 माओवादी मारे गए हैं, जबकि 1192 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा 1003 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है।
सुरक्षा बलों द्वारा अब तक 517 हथियार, 1092 आईईडी और 20 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति बरामद की जा चुकी है। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से नक्सली संगठन की आर्थिक और सैन्य क्षमता पर असर पड़ रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बीजापुर धीरे-धीरे नक्सलमुक्ति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ाई गई है और विकास कार्यों को भी गति दी जा रही है, जिससे लोगों का विश्वास प्रशासन के प्रति मजबूत हो रहा है।
बीजापुर पुलिस ने आम नागरिकों और ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, विस्फोटक सामग्री या नक्सली गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस और सुरक्षा बलों को दें। अधिकारियों का कहना है कि जनता के सहयोग से क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को और मजबूत किया जा सकता है।