बलरामपुर के नगरा-धनपुरी साप्ताहिक बाजार में अवैध वसूली और गंदगी से ग्रामीण परेशान

बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत नगरा अंतर्गत धनपुरी साप्ताहिक बाजार में अवैध वसूली और अव्यवस्थाओं को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। बाजार में सफाई, पेयजल और मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जबकि व्यापारियों से मनमाने तरीके से वसूली किए जाने के आरोप लगाए गए हैं।

May 13, 2026 - 19:23
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बलरामपुर के नगरा-धनपुरी साप्ताहिक बाजार में अवैध वसूली और गंदगी से ग्रामीण परेशान

UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर l केंद्र और राज्य सरकार जहां स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों और कस्बों को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, वहीं बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत नगरा अंतर्गत धनपुरी साप्ताहिक बाजार की स्थिति इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। यहां बाजार में सफाई, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, जबकि दूसरी ओर व्यापारियों और ग्रामीणों से अवैध वसूली किए जाने के आरोप भी सामने आ रहे हैं।

धनपुरी में प्रत्येक बुधवार को साप्ताहिक बाजार लगाया जाता है, जहां आसपास के गांवों से किसान और छोटे व्यापारी अपनी सब्जियां, अनाज और अन्य सामग्री बेचने पहुंचते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बाजार लगते ही पंचायत से जुड़े कुछ लोग और कथित दलाल व्यापारियों से मनमाने तरीके से पैसे वसूलने लगते हैं। वसूली के बदले न तो कोई रसीद दी जाती है और न ही कोई निर्धारित शुल्क सूची दिखाई जाती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि गरीब किसान और छोटे दुकानदार पहले ही आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं, ऐसे में अवैध वसूली उनके लिए अतिरिक्त बोझ बन रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह सब पंचायत के जिम्मेदार लोगों की जानकारी और संरक्षण में हो रहा है।

बाजार परिसर की स्थिति भी बेहद खराब बताई जा रही है। साफ-सफाई के नाम पर केवल औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं। जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जिससे बाजार में आने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात और गर्मी के मौसम में यह गंदगी संक्रमण और बीमारी फैलने का कारण भी बन सकती है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि बाजार में पेयजल की उचित व्यवस्था नहीं है। पीएचई विभाग द्वारा लाखों रुपए की लागत से पानी की टंकी बनाई गई थी, लेकिन वह आज तक चालू नहीं हो पाई है। लोगों का कहना है कि बाजार में आने वाले व्यापारी और ग्रामीण पीने के पानी के लिए परेशान रहते हैं।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि पानी की टंकी से जुड़े मोटर और पाइप का उपयोग निजी खेतों की सिंचाई के लिए किया जा रहा है। यदि यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का मामला माना जाएगा।

ग्रामीणों का कहना है कि बाजार में न तो शौचालय की समुचित व्यवस्था है और न ही बैठने की सुविधा। कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी पूरे मामले में चुप्पी साधे हुए हैं।

इस पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों की मांग है कि बाजार में हो रही अवैध वसूली की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही बाजार परिसर में साफ-सफाई, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं।

अब सभी की नजर जिला प्रशासन पर टिकी हुई है कि खबर सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा क्या कदम उठाए जाते हैं और क्या ग्रामीणों को इस समस्या से राहत मिल पाएगी या मामला फिर फाइलों में दबकर रह जाएगा।