कबीरधाम की 471 ग्राम पंचायतों में लागू होगी विकसित भारत जी राम जी योजना, ग्रामीणों को मिलेगा 125 दिनों का रोजगार
केंद्र सरकार द्वारा विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (वीबी जी राम जी) योजना 1 जुलाई 2026 से देशभर में लागू की जाएगी। कबीरधाम जिले की सभी 471 ग्राम पंचायतों में यह योजना शुरू होगी, जिसके तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव l ग्रामीण विकास और रोजगार को नई दिशा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन यानी वीबी जी राम जी अधिनियम 2025 को पूरे देश में 1 जुलाई 2026 से लागू किया जाएगा। इसी के तहत कबीरधाम जिले की सभी 471 ग्राम पंचायतों में भी यह नई योजना लागू होगी। योजना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को रोजगार, आजीविका संवर्धन और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण का लाभ मिलेगा।
नई व्यवस्था के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक परिवारों को मांग के आधार पर 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। वर्तमान में महात्मा गांधी नरेगा के तहत जारी जॉब कार्ड नई योजना लागू होने तक मान्य रहेंगे। साथ ही वर्तमान में चल रहे निर्माण कार्यों को 15 जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
योजना के तहत जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, आजीविका संवर्धन और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा गांवों में सड़क, पुल-पुलिया, स्कूल भवन, आंगनबाड़ी भवन और कृषि कार्यों से संबंधित जरूरी अधोसंरचना विकास कार्य भी किए जाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के साथ-साथ विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।
कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बताया कि जिले में नई योजना को लागू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि 1 जुलाई से नए अधिनियम के तहत कार्यों की स्वीकृति शुरू होगी। पहले की तुलना में अब ग्रामीण परिवारों को अधिक रोजगार दिवस उपलब्ध कराए जाएंगे। मजदूरों को मजदूरी भुगतान पहले की तरह डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से बैंक या डाकघर खातों में किया जाएगा।
कलेक्टर ने बताया कि मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर अथवा मास्टर रोल बंद होने के अधिकतम 15 दिनों के भीतर किया जाएगा। यदि किसी कारणवश भुगतान में देरी होती है, तो श्रमिक विलंब क्षतिपूर्ति के पात्र होंगे। उन्होंने कहा कि नई योजना में स्थानीय आवश्यकताओं और रोजगार की मांग के अनुसार कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में ई-केवाईसी सत्यापित मनरेगा जॉब कार्ड नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी होने तक मान्य रहेंगे। जिन श्रमिकों के पास जॉब कार्ड नहीं है, वे ग्राम पंचायत स्तर पर आवेदन कर पंजीयन करा सकेंगे।
उन्होंने बताया कि नई योजना से समाज के सभी वर्गों को लाभ मिलेगा। जल संरक्षण, अधोसंरचना विकास और आजीविका आधारित कार्यों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। केंद्र सरकार द्वारा योजना के लिए बड़े बजट का प्रावधान किया गया है, जिसमें राज्यों का भी अंशदान शामिल होगा।
नई योजना में प्रशासनिक व्यय को बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे कार्यों के संचालन और निगरानी में और अधिक प्रभावशीलता लाई जा सकेगी। ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस योजना से गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।