सुकमा में मनरेगा कार्यों की समीक्षा, लंबित आधार ई-केवाईसी जल्द पूर्ण करने के निर्देश

सुकमा में मनरेगा कार्यों की समीक्षा बैठक में लंबित आधार ई-केवाईसी और अपूर्ण कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। जिला पंचायत सीईओ ने अधिकारियों को समयसीमा में कार्य पूर्ण करने की सख्त हिदायत दी।

Feb 13, 2026 - 17:37
Feb 13, 2026 - 17:47
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सुकमा में मनरेगा कार्यों की समीक्षा, लंबित आधार ई-केवाईसी जल्द पूर्ण करने के निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. रीजेंट गिरी, सुकमा। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत जिले में चल रहे कार्यों की समीक्षा को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। अमित कुमार के निर्देशन में गुरुवार 12 फरवरी 2026 को जिला पंचायत कार्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता मुकुन्द ठाकुर ने की। बैठक में जिले के सभी कार्यक्रम अधिकारी, तकनीकी सहायक और ग्राम रोजगार सहायक उपस्थित रहे।

बैठक में एजेंडा अनुसार मनरेगा के तहत चल रहे कार्यों और लंबित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। जिले में कुल 60,774 सक्रिय श्रमिक पंजीकृत पाए गए, जिनमें से 37,253 श्रमिकों का आधार ई-केवाईसी पूर्ण हो चुका है, जबकि 21,286 श्रमिकों का ई-केवाईसी लंबित है। इस पर गंभीरता व्यक्त करते हुए ग्राम रोजगार सहायकों को निर्देशित किया गया कि वे एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत आधार ई-केवाईसी पूर्ण कराएं।

सीईओ ठाकुर ने बैठक में अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। नरेगा सॉफ्ट में दर्ज कुल 1,063 अपूर्ण कार्यों को 15 मार्च 2026 तक हर हाल में पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई कि समयसीमा में कार्य पूर्ण नहीं होने पर जवाबदेही तय की जाएगी।

बैठक में ग्रामीण आवास निर्माण से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। निर्देश दिया गया कि पात्र हितग्राहियों के आवास निर्माण में 90 मानवदिवस का लक्ष्य अनिवार्य रूप से पूरा कराया जाए, ताकि श्रमिकों को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराया जा सके।

इसके साथ ही “प्रोजेक्ट उन्नति” के अंतर्गत 61 से 100 दिवस कार्य पूर्ण कर चुके श्रमिकों को राजमिस्त्री प्रशिक्षण देने पर विशेष जोर दिया गया। प्रत्येक जनपद पंचायत से 35-35 श्रमिकों का चयन कर उन्हें प्रशिक्षण केंद्र में अनिवार्य रूप से उपस्थित कराने के निर्देश तकनीकी सहायकों और ग्राम रोजगार सहायकों को दिए गए। इसका उद्देश्य श्रमिकों के कौशल विकास के साथ उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित करना बताया गया।

वित्तीय वर्ष 2026-27 की तैयारियों को लेकर भी बैठक में चर्चा की गई। अधिकारियों को आगामी वर्ष की कार्ययोजना समय पर तैयार करने के लिए प्रस्तावित कार्यों की शत-प्रतिशत प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा ग्रामीण स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित कार्यों के लिए आवश्यक दस्तावेज दो दिवस के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिले में विकास कार्यों को गति देने और श्रमिकों को अधिकतम रोजगार उपलब्ध कराने के लिए योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।