छिंदवाड़ा के घोघरी गांव में जल संरक्षण के लिए श्रमदान, जल गंगा संवर्धन अभियान को मिला जनसमर्थन

छिंदवाड़ा जिले के घोघरी ग्राम पंचायत में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत ग्रामीणों ने श्रमदान कर जल संरक्षण का संदेश दिया। भीषण गर्मी में जल संकट को देखते हुए स्टॉप डैम और बोरी बंधान जैसे कार्य किए गए।

Apr 28, 2026 - 13:17
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छिंदवाड़ा के घोघरी गांव में जल संरक्षण के लिए श्रमदान, जल गंगा संवर्धन अभियान को मिला जनसमर्थन

UNITED NEWS OF ASIA. वीरेंद्र यादव, छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत घोघरी रैयत में जल संकट को देखते हुए “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से जल संरक्षण के लिए सराहनीय पहल की। भीषण गर्मी और लगातार घटते जल स्तर के बीच गांव में पानी की कमी गंभीर समस्या बनती जा रही है, जिसे दूर करने के लिए स्थानीय लोगों ने श्रमदान कर विभिन्न कार्य किए।

अभियान के तहत ग्रामीणों ने स्टॉप डैम निर्माण, बोरी बंधान और जल स्रोतों के संरक्षण जैसे कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान “जल है तो जीवन है” का संदेश देते हुए लोगों को पानी बचाने और उसका सही उपयोग करने के लिए जागरूक किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जल संरक्षण के उपाय नहीं किए गए, तो आने वाले समय में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

इस पहल में Jan Abhiyan Parishad Madhya Pradesh के सहयोग से अभियान को गति मिली। साथ ही स्थानीय सामाजिक संस्था नव चेतना पब्लिक वेलफेयर समिति ने भी ग्रामीणों को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संस्था के सदस्यों ने लोगों को बताया कि छोटे-छोटे प्रयासों से भी जल संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

ग्राम के पास स्थित पथरई नदी, जो कई गांवों के लिए प्रमुख जल स्रोत है, वर्तमान में सूख चुकी है। ऐसे में इसे पुनर्जीवित करने और जल स्रोतों को जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। ग्रामीणों ने कहा कि पथरई नदी का संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है, क्योंकि इससे आसपास के कई गांवों की जल आपूर्ति जुड़ी हुई है।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने भीषण गर्मी में पशु-पक्षियों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। पानी की तलाश में भटक रहे जीवों के लिए भी जल संरक्षण जरूरी बताया गया। ग्रामीणों से अपील की गई कि वे अपने घरों के आसपास पानी की व्यवस्था करें, ताकि जीव-जंतु भी प्यास से राहत पा सकें।

इस अवसर पर मंच संचालन शंकर प्रजापति द्वारा किया गया। कार्यक्रम में संजीव बावरकर, सरपंच  नविता जी,  ममता नागवंशी, पूर्व सरपंच संपत नागवंशी,  अनीता आहके, मनीष कैथवास, फॉरेस्ट विभाग से राहुल जायसवाल, राजा चंद्रवंशी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान में घोघरी पंचायत पानी की भारी समस्या से जूझ रही है। ऐसे में उन्होंने शासन से मांग की है कि क्षेत्र में जल आपूर्ति की समुचित व्यवस्था की जाए और जल संरक्षण के स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

यह अभियान न केवल जल संकट से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि यदि समाज एकजुट होकर कार्य करे, तो बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान संभव है।