भागलपुर में पूर्व पार्षद के बेटे पर जानलेवा हमला, चाचा की हार्ट अटैक से मौत
भागलपुर में पूर्व वार्ड पार्षद सदानंद चौरसिया के बेटे साहिल चौरसिया (19) पर गुरुवार शाम जानलेवा हमला हुआ। हमला पेट और सिर पर किया गया। घटना से साहिल के बड़े चाचा को गहरा सदमा लगा, जिससे उनकी हार्ट अटैक से मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया।
UNITED NEWS OF ASIA. भागलपुर, बिहार। जिले में एक खतरनाक और दुखद घटना घटी है। वार्ड 45 के पूर्व पार्षद सदानंद चौरसिया के बेटे साहिल चौरसिया (19) पर गुरुवार शाम जानलेवा हमला किया गया। बताया जा रहा है कि यह वारदात बुधवार रात जंगली जंक्शन में हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद से जुड़ी हो सकती है। परिजनों ने कहा कि विवाद के समय पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया था, लेकिन इसके बावजूद गुरुवार को हमला किया गया।
घटना के समय साहिल अपने भाई गोलू के साथ सिकंदरपुर पानी टंकी के पास स्थित बाबा गिफ्ट कॉर्नर पर बैठे थे। इसी दौरान चार-पांच बदमाश चाकू और डंडे लेकर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले साहिल के सिर पर डंडा मारा और फिर पेट में चाकू घोंप दिया। शोर सुनकर लोग मौके पर पहुंचे, जिससे आरोपी फरार हो गए।
घायल साहिल को पहले सदर अस्पताल ले जाया गया और वहां से मायागंज मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
इस हमले की जानकारी मिलते ही साहिल के बड़े चाचा को गहरा सदमा लगा। चाचा पहले से ही हार्ट रोग से पीड़ित थे और उपचाराधीन थे। भावनात्मक आघात सहन न कर पाने के कारण उनकी हार्ट अटैक से मौत हो गई। इस घटना ने पूरे परिवार और इलाके में शोक और चिंता की लहर फैला दी है।
परिजनों ने बताया कि आरोपी अक्सर नशे में रहता है और बिना वजह लोगों से झगड़ा करता है। मार्च 2025 में भी उस पर गोलीबारी हुई थी, जिसमें वह बाल-बाल बचा था। ऐसे इतिहास के चलते अब इलाके में लोग भयभीत हैं।
पुलिस कार्रवाई:
सिटी एसपी शुभांक मिश्रा ने कहा कि मामले को पुराने विवाद से जोड़कर गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं।
निष्कर्ष:
भागलपुर की यह घटना न केवल युवाओं में बढ़ते हिंसक व्यवहार की चिंता पैदा करती है, बल्कि कानून व्यवस्था की चुनौती भी उजागर करती है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और मामले की गंभीर जांच से ही परिवार और इलाके में सुरक्षा की भावना बहाल की जा सकेगी।