एचसीएल मलाजखंड में मजदूरों की सुरक्षा से खिलवाड़! बार-बार हो रहे हादसों ने उठाए गंभीर सवाल

हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) मलाजखंड में कार्यरत डी.सी.एस लिमिटेड पर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। बीते 20 दिनों में अंडरग्राउंड में काम करते समय तीन मजदूर घायल हुए, जिनमें एक की हालत गंभीर थी और उसे नागपुर रेफर कर कोमा की स्थिति में ऑपरेशन कराया गया। 2022 में भी एक मजदूर की मौत और दो के घायल होने की घटनाएं सामने आई थीं। बताया जा रहा है कि कंपनी द्वारा सुरक्षा उपकरण पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं कराए जाते और ब्लास्टिंग के तुरंत बाद मजदूरों को खदान में भेज दिया जाता है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं से मजदूरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, जल्द ही यूनियन की टीम इस मामले में बड़ा खुलासा कर सकती है।

Sep 28, 2025 - 17:31
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एचसीएल मलाजखंड में मजदूरों की सुरक्षा से खिलवाड़! बार-बार हो रहे हादसों ने उठाए गंभीर सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. सायमा नाज़, बालाघाट। हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) मलाजखंड में कार्यरत निजी ठेका कंपनी डी.सी.एस लिमिटेड पर मजदूरों की सुरक्षा से खिलवाड़ के गंभीर आरोप लगे हैं। सुरक्षा मानकों को पूरी तरह दरकिनार कर खदान में मजदूरों को असुरक्षित परिस्थितियों में काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप लगातार हादसे हो रहे हैं।

करीब 20 दिन पहले अंडरग्राउंड में कार्य के दौरान तीन मजदूर घायल हो गए थे। इनमें से एक मजदूर की हालत गंभीर बताई गई, जिसे पहले गोंदिया अस्पताल ले जाया गया और बाद में नागपुर रेफर किया गया। जानकारी के अनुसार, गंभीर रूप से घायल मजदूर के सिर में गहरी चोट आने से वह कोमा में चला गया और उसका ऑपरेशन किया गया।

यह कोई पहली घटना नहीं है। साल 2022 में भी डी.सी.एस लिमिटेड के तहत कार्यरत एक युवक की मौत हो गई थी और दो अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए थे। ऐसे हादसे लगभग हर साल घटित होते रहते हैं, जिनकी जानकारी ना तो मीडिया तक पहुंचती है और ना ही पुलिस-प्रशासन के पास जाती है।

सूत्रों के मुताबिक, कंपनी द्वारा मजदूरों को न तो पर्याप्त सुरक्षा उपकरण मुहैया कराए जाते हैं और न ही सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है। ब्लास्टिंग के तुरंत बाद ही मजदूरों को खदान में भेज दिया जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है।

मजदूर संगठन के सूत्रों का कहना है कि जल्द ही इस पूरे मामले पर यूनियन की टीम बड़ा खुलासा करेगी और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। लगातार हो रही घटनाओं ने न केवल डी.सी.एस लिमिटेड की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं बल्कि एचसीएल प्रबंधन की जिम्मेदारी पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

मजदूरों की सुरक्षा जैसे अहम विषय पर बार-बार हो रही लापरवाहियों के बीच अब निगाहें प्रशासन और श्रम विभाग के रुख पर टिकी हैं कि क्या वे इन हादसों की जांच कर मजदूरों को न्याय दिला पाएंगे या नहीं।