मंदिर समिति के अध्यक्ष सचिन श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले तीन वर्षों से क्वार और चैत्र नवरात्रि में मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। इस दौरान श्रद्धालुओं द्वारा मनोकामना ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए जाते हैं और नौ दिनों तक मां महाकाली की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है।
नवरात्रि के नौ दिनों तक भक्तजन माता की भक्ति में लीन रहते हैं और पूरे श्रद्धा भाव से पूजा करते हैं। महाअष्टमी के दिन हवन-पूजन के बाद कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। इसी परंपरा के तहत छोटी-छोटी बालिकाओं को देवी स्वरूप मानकर उनका पूजन किया गया।
कन्याओं के चरण धोकर उन्हें आसन पर बैठाया गया और तिलक कर लाल चुनरी ओढ़ाई गई। इसके बाद उन्हें खीर-पूड़ी और अन्य प्रसाद का भोजन कराया गया। साथ ही श्रृंगार सामग्री भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया गया, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है।
मंदिर समिति द्वारा यह भी बताया गया कि नवमी के दिन ज्योति विसर्जन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होकर मां से सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करेंगे।
इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्र के कई प्रमुख लोग शामिल हुए, जिनमें देव चक्रवर्ती, सोनू निषाद, कौशल ठाकुर, बंटी नामदेव, पप्पू शर्मा, गोल्डी साहू, सुभाष निर्मलकर, छोटू केशरी, वैभव श्रीवास्तव, कार्तिक, जितेंद्र वैष्णव, प्रवीण वैष्णव, सुभाष कौशिक, रवि सोनी और मनोज सोनी सहित अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।
पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने माता रानी की आराधना कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की।
इस प्रकार पिपलेश्वर महादेव महाकाली मंदिर में आयोजित यह कन्या पूजन और भोज कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि समाज में परंपराओं और संस्कारों को आगे बढ़ाने का भी एक सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करता है।