कांकेर में जर्जर पुल और पानी टंकी से बढ़ा खतरा, ग्रामीणों ने की त्वरित कार्रवाई की मांग
कांकेर जिले के सिरसिदा गांव में क्षतिग्रस्त पुल और जर्जर पानी टंकी से लोगों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. राजेन्द्र मंडावी, कांकेर जिले के ग्राम पंचायत सिरसिदा एवं आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों मूलभूत सुविधाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन और पेयजल जैसी आवश्यक जरूरतों के लिए गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में स्थित एक क्षतिग्रस्त पुल और जर्जर पानी टंकी लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं।
प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत भीमापारा-शीतलापारा मार्ग पर बना पुल 10 सितंबर 2024 को भारी बारिश और तेज जल बहाव के कारण क्षतिग्रस्त हो गया था। हालांकि इसके बाद पुल की अस्थायी मरम्मत की गई, लेकिन वर्तमान स्थिति यह है कि पुल में गहरी दरारें अब भी बनी हुई हैं। इससे आवागमन बेहद जोखिम भरा हो गया है और कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में लोग, स्कूली बच्चे और वाहन गुजरते हैं। पुल की खराब हालत के कारण हर समय डर बना रहता है कि कहीं कोई दुर्घटना न हो जाए। कई बार प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
इसी तरह ग्राम सिरसिदा के पटेलपारा में स्थित पेयजल टंकी भी गंभीर खतरे का कारण बनी हुई है। लगभग 15 से 20 वर्ष पुरानी यह टंकी अब पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। टंकी का ऊपरी हिस्सा टूटने की स्थिति में है, जिससे आसपास के क्षेत्र में खतरा बना हुआ है।
यह पानी टंकी ऐसे स्थान पर स्थित है, जहां पास में आंगनबाड़ी केंद्र, सामुदायिक शौचालय और अन्य सार्वजनिक भवन मौजूद हैं। ऐसे में यदि टंकी का कोई हिस्सा गिरता है, तो बच्चों और ग्रामीणों की जान को खतरा हो सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल का स्थायी निर्माण जल्द से जल्द कराया जाए और जर्जर पानी टंकी को या तो पूरी तरह नया बनाया जाए या फिर उसकी तत्काल मरम्मत कराई जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि वे कई बार इस समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे लोगों में नाराजगी और असंतोष बढ़ता जा रहा है।
कुल मिलाकर, सिरसिदा गांव में बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी साफ नजर आ रही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को कितनी जल्दी संज्ञान में लेकर समाधान करता है, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके और ग्रामीणों को राहत मिल सके।