इस सरस मेले का उद्देश्य ग्रामीण स्व-सहायता समूहों (Self Help Groups) द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है। मेले में विभिन्न जिलों से आए समूहों द्वारा हस्तशिल्प, खाद्य उत्पाद, पारंपरिक वस्त्र, घरेलू उपयोग की सामग्री और स्थानीय कला का प्रदर्शन एवं विक्रय किया जाएगा।
‘बिहान’ योजना के तहत प्रदेशभर में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। इस प्रकार के सरस मेले न केवल ग्रामीण उत्पादों को पहचान दिलाते हैं, बल्कि स्थानीय प्रतिभा और कौशल को भी मंच प्रदान करते हैं। मेले के माध्यम से महिला समूहों को सीधे ग्राहकों से जुड़ने और अपने उत्पादों का उचित मूल्य प्राप्त करने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोक संस्कृति और परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं से संबंधित जानकारी देने के लिए स्टॉल भी लगाए जाएंगे, जिससे आमजन को शासन की योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी।
इस अवसर पर प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के सभी प्रतिनिधियों को सादर आमंत्रित किया गया है, ताकि इस महत्वपूर्ण आयोजन की व्यापक जानकारी जन-जन तक पहुंचाई जा सके। आयोजन समिति ने मीडिया से अपील की है कि वे अपनी गरिमामय उपस्थिति दर्ज कर कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करें।
संभागीय सरस मेला ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल स्थानीय उत्पादों को बाजार मिलेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
आयोजकों ने जिलेवासियों से भी अपील की है कि वे बड़ी संख्या में मेले में पहुंचकर स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करें और ग्रामीण स्वावलंबन के इस अभियान का हिस्सा बनें।
यह आयोजन निश्चित रूप से कवर्धा जिले के लिए एक बड़ा आकर्षण बनने वाला है, जहां विकास, संस्कृति और आत्मनिर्भरता का संगम देखने को मिलेगा।