मानसून सत्र से पहले पीएम मोदी की देर रात हाई लेवल बैठक, कई अहम मुद्दों पर मंथन

संसद के 20 जुलाई से शुरू होने वाले मानसून सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आवास पर करीब तीन घंटे तक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक में गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन और संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष शामिल हुए। आधिकारिक एजेंडा जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार संगठन, आगामी चुनावी रणनीति और अन्य राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई।

Jul 16, 2026 - 11:38
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मानसून सत्र से पहले पीएम मोदी की देर रात हाई लेवल बैठक, कई अहम मुद्दों पर मंथन

UNITED NEWS OF ASIA. संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार देर रात अपने आधिकारिक आवास पर उच्च स्तरीय बैठक की। करीब तीन घंटे तक चली इस बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और भाजपा के संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष शामिल हुए। हालांकि बैठक के एजेंडे को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन इसे राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार बैठक में संसद के 20 जुलाई से शुरू होने वाले मानसून सत्र की तैयारियों के साथ-साथ संगठन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। इसके अलावा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग से जुड़े प्रयासों की भी समीक्षा की गई।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक बैठक में भाजपा के संगठनात्मक विस्तार, आगामी चुनाव वाले राज्यों की रणनीति, संभावित संगठनात्मक बदलाव और अन्य राजनीतिक विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। कुछ रिपोर्टों में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की बात कही गई है, हालांकि इन विषयों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

इस बैठक से एक दिन पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं के बीच लगभग 40 मिनट तक हुई चर्चा को भी राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया। आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई, लेकिन विभिन्न रिपोर्टों में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक विषयों और राजनीतिक हालात पर चर्चा की संभावना जताई गई।

गौरतलब है कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई 2026 से शुरू होकर 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। इस दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक और राष्ट्रीय महत्व के विषय संसद में ला सकती है। हालांकि अब तक सरकार ने संभावित विधेयकों की आधिकारिक सूची जारी नहीं की है। सत्र के दौरान विभिन्न नीतिगत और विधायी मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मानसून सत्र से पहले शीर्ष नेतृत्व की यह बैठक संसद की रणनीति, संगठनात्मक तैयारियों और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों के समन्वय के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि बैठक में किन-किन विषयों पर अंतिम निर्णय लिए गए, इसकी जानकारी आधिकारिक रूप से सामने आने का इंतजार है।