ई-बस, पीएम आवास और वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं की प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने की समीक्षा
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने ई-बस योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना और 15वें वित्त आयोग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने जनसुविधा आधारित ई-बस रूट तैयार करने, 30 सितंबर तक निर्माणाधीन आवास पूरे करने, वेस्ट-टू-एनर्जी के लिए व्यवहारिक वित्तीय मॉडल बनाने और शहरी विकास कार्यों की बेहतर प्लानिंग के निर्देश दिए।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में प्रधानमंत्री ई-बस योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 1.0, स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0 के अंतर्गत प्रस्तावित वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना और 15वें वित्त आयोग के तहत किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में जनसुविधा, वित्तीय व्यवहार्यता, समयबद्धता और दीर्घकालिक स्थिरता को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित अग्रवाल भी मौजूद रहे।
प्रमुख सचिव ने रायपुर में प्रधानमंत्री ई-बस योजना के तहत बस संचालन को अधिक सुविधाजनक और जनोपयोगी बनाने के लिए व्यापक रूट प्लान तैयार करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि बस रूट तय करते समय प्रमुख दर्शनीय स्थलों के साथ स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों को शामिल किया जाए, ताकि शहर के अलग-अलग हिस्सों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी विकसित हो सके। प्रस्तावित रूटों की व्यवहारिकता, यात्री आवागमन और कनेक्टिविटी का आकलन करने के लिए विस्तृत सर्वे कराने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने यात्रियों की सुविधा और आम नागरिकों की भुगतान क्षमता को ध्यान में रखते हुए युक्तिसंगत किराया निर्धारित करने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा। बस रूट, बस स्टॉप, बसों की उपलब्धता और यात्री सुविधाओं को तकनीक आधारित बनाने पर भी जोर दिया गया। पीपीपी मॉडल के आधार पर बस स्टॉप की सूची तैयार कर यात्रियों की आवश्यकता के अनुसार उनके स्थान निर्धारित करने के निर्देश दिए गए।
पीएम आवास योजना शहरी 1.0 की समीक्षा करते हुए बोरा ने निर्माणाधीन आवासों को 30 सितंबर 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने शेष आवासों की संख्या के आधार पर साप्ताहिक लक्ष्य निर्धारित कर विशेष अभियान चलाने और निर्माण कार्य को मिशन मोड में पूरा करने को कहा। जिला प्रशासन और नगरीय निकायों के बीच बेहतर समन्वय से लंबित आवासों को समय सीमा में पूरा कराने पर जोर दिया गया। हितग्राहियों को निर्माण की वास्तविक प्रगति के आधार पर योजना के प्रावधानों के अनुसार किस्त की राशि समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान प्रमुख सचिव ने चिन्हित क्लस्टरों की तकनीकी और वित्तीय व्यवहार्यता का परीक्षण किया। उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए ऐसी परियोजनाएं महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इनके लिए दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता भी सुनिश्चित करना जरूरी है। राज्य सरकार और नगरीय निकायों पर पड़ने वाले संभावित वित्तीय दायित्व का यथार्थ आकलन करने के साथ निजी क्षेत्र की संभावित सहभागिता और पीपीपी मॉडल की संभावनाओं का अध्ययन करने के निर्देश दिए गए।
15वें वित्त आयोग के कार्यों की समीक्षा करते हुए बोरा ने उपलब्ध संसाधनों का स्थानीय जरूरतों के आधार पर प्रभावी उपयोग करने को कहा। उन्होंने सड़कों के निर्माण और उन्नयन की योजनाओं को बिखरे हुए तरीके से करने के बजाय शहर की समग्र अधोसंरचना और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार करने के निर्देश दिए। यातायात दबाव, कनेक्टिविटी और क्षेत्र की वर्तमान स्थिति के आधार पर प्राथमिकता तय करने पर जोर दिया गया। उन्होंने नगरीय निकायों में सैचुरेशन आधारित विकास के लिए गैप एनालिसिस तैयार करने को कहा, जिससे सड़क, नाली, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमियों को चिन्हित कर लक्षित कार्ययोजना बनाई जा सके।