ऑस्टियोआर्थराइटिस और मस्कुलोस्केलेटल विकारों का निःशुल्क इलाज, 3.97 लाख से अधिक लोगों को मिला लाभ

राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत छत्तीसगढ़ में ऑस्टियोआर्थराइटिस एवं मस्कुलोस्केलेटल विकार कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसके माध्यम से जोड़ों, हड्डियों और मांसपेशियों से जुड़ी समस्याओं से पीड़ित लोगों को विशेषज्ञ परामर्श, पंचकर्म, पारंपरिक थेरेपी, आयुष औषधियां और योग एवं जीवनशैली संबंधी मार्गदर्शन निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। कार्यक्रम से अब तक 3,97,334 लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिलने की जानकारी दी गई है।

Aug 25, 2026 - 09:53
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ऑस्टियोआर्थराइटिस और मस्कुलोस्केलेटल विकारों का निःशुल्क इलाज, 3.97 लाख से अधिक लोगों को मिला लाभ

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l बढ़ती उम्र और बदलती जीवनशैली के कारण जोड़ों, हड्डियों और मांसपेशियों से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे लोगों के लिए राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत संचालित ऑस्टियोआर्थराइटिस एवं मस्कुलोस्केलेटल विकार कार्यक्रम राहत का माध्यम बन रहा है। आयुष मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में संचालित इस राष्ट्रीय कार्यक्रम के माध्यम से नागरिकों को पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के जरिए स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

कार्यक्रम के तहत जोड़ों के दर्द, साइटिका, रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याओं और गठिया जैसी परेशानियों से जूझ रहे मरीजों को आयुष केंद्रों में निःशुल्क उपचार सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। अनुभवी आयुष चिकित्सकों द्वारा मरीजों की जांच और परामर्श किया जाता है। बीमारी की स्थिति के अनुसार उपचार और जीवनशैली से जुड़े आवश्यक सुझाव भी दिए जाते हैं।

कार्यक्रम के अंतर्गत पंचकर्म एवं विभिन्न पारंपरिक उपचार पद्धतियों की सुविधा भी उपलब्ध है। दर्द और वात संबंधी समस्याओं से राहत के लिए औषधीय तेलों से अभ्यंग, पोटली से स्वेदन तथा घुटनों और कमर से संबंधित समस्याओं के लिए जानु बस्ति और कटी बस्ति जैसी पारंपरिक थेरेपी उपलब्ध कराई जा रही है। इन उपचार सुविधाओं का उद्देश्य मरीजों को उनकी समस्या के अनुरूप राहत और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है।

मरीजों को आवश्यकतानुसार आयुर्वेदिक एवं अन्य आयुष औषधियां भी निःशुल्क प्रदान की जाती हैं। इसके साथ ही योग और जीवनशैली संबंधी परामर्श को भी कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। विशेषज्ञों द्वारा जोड़ों का लचीलापन बनाए रखने के लिए उपयुक्त योगासन की जानकारी दी जाती है। मरीजों को खान-पान और दैनिक जीवनशैली से जुड़े पथ्य एवं अपथ्य के बारे में भी आवश्यक मार्गदर्शन दिया जाता है।

राज्य के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कार्यक्रम को जमीनी स्तर पर संचालित किया जा रहा है। प्रदेश के सभी 146 विकासखंडों में विशेष स्क्रीनिंग शिविरों के माध्यम से लोगों तक सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। इससे दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को भी जोड़ों, हड्डियों और मांसपेशियों से जुड़ी समस्याओं के लिए आयुष चिकित्सा सुविधा प्राप्त हो रही है।

कार्यक्रम के तहत अब तक राज्य में 3,97,334 लोगों को स्वास्थ्य लाभ प्रदान किए जाने की जानकारी दी गई है। राष्ट्रीय आयुष मिशन के माध्यम से संचालित यह पहल लोगों को निःशुल्क परामर्श, उपचार, औषधि और जीवनशैली संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के साथ पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी कार्य कर रही है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में स्क्रीनिंग और उपचार गतिविधियों के निरंतर संचालन से अधिक से अधिक नागरिकों को इस कार्यक्रम से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।