जन-आक्रोश के आगे झुकी सरकार, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लोकतंत्र की जीत बताया गया
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर जन-आक्रोश और लोकतंत्र की ताकत पर आधारित प्रतिक्रिया सामने आई है। इसमें कहा गया है कि जनता के संघर्ष और एकजुटता के सामने सत्ता को झुकना पड़ा तथा यह घटना लोकतंत्र में जनशक्ति की अहमियत को दर्शाती है।
UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर l केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में जारी एक राजनीतिक प्रतिक्रिया में इसे जनता की एकजुटता और लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत बताया गया है। वक्तव्य में कहा गया है कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति किसी पद, सत्ता या कुर्सी में नहीं, बल्कि जनता की आवाज और उसके विश्वास में निहित होती है। जब नागरिक अपने अधिकारों और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर एकजुट होकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखते हैं, तब लोकतांत्रिक व्यवस्था में सत्ता को भी उनकी भावनाओं का सम्मान करना पड़ता है।