छात्रों के ऐतिहासिक संघर्ष के आगे झुकी केंद्र सरकार, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा युवाओं की जीत: द्वारिकाधीश यादव
महासमुंद के नेहरू चौक में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों और युवाओं के ऐतिहासिक संघर्ष की जीत बताते हुए आतिशबाजी और मिठाई बांटकर जश्न मनाया। जिलाध्यक्ष एवं खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव ने कहा कि छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन ने केंद्र सरकार को झुकने पर मजबूर किया और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को मजबूती मिली।
UNITED NEWS OF ASIA. शिखा दास, महासमुंद l देशभर में पेपर लीक और परीक्षा संबंधी विवादों को लेकर छात्रों और युवाओं द्वारा चलाए गए आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। महासमुंद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस घटनाक्रम को छात्रों और युवाओं के संघर्ष की जीत बताते हुए नेहरू चौक पर विजय उत्सव मनाया। जिलाध्यक्ष एवं खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी की, मिठाइयां बांटी और इसे लोकतांत्रिक संघर्ष की सफलता बताया।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। नेताओं ने कहा कि देशभर में परीक्षा धांधली, पेपर लीक और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर लंबे समय से आवाज उठाई जा रही थी। उनका कहना था कि लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों और छात्रों के आंदोलन के दबाव में केंद्र सरकार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार करना पड़ा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष एवं खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव ने कहा कि छात्रों का यह संघर्ष केवल एक मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र में युवाओं की ताकत और उनकी एकजुटता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि जब देशभर के छात्र अपने भविष्य को लेकर सड़क पर उतरे और लगातार अपनी बात लोकतांत्रिक तरीके से रखते रहे, तब केंद्र सरकार को उनकी आवाज सुननी पड़ी।
द्वारिकाधीश यादव ने आंदोलन के दौरान छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ जिस प्रकार का व्यवहार किया गया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। उनके अनुसार लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रखने का अधिकार प्रत्येक नागरिक को प्राप्त है और ऐसे आंदोलनों को संवाद के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की मांगों पर सकारात्मक पहल करनी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय आंदोलन के दौरान टकराव की स्थिति बनी। उनका कहना था कि देश के लाखों छात्र परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग कर रहे थे तथा सरकार को उनकी चिंताओं को गंभीरता से लेना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक छात्रों की मांगों की अनदेखी की गई, लेकिन अंततः बढ़ते जनदबाव के कारण सरकार को फैसला लेना पड़ा।
द्वारिकाधीश यादव ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा इस बात का संकेत है कि लोकतंत्र में जनता और विशेष रूप से युवाओं की आवाज को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि छात्रों ने अनुशासन और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखी, जिसके कारण देशभर में इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा हुई। उन्होंने इसे छात्र शक्ति की बड़ी जीत बताते हुए कहा कि युवाओं ने यह साबित कर दिया कि संगठित और शांतिपूर्ण संघर्ष के माध्यम से भी परिवर्तन संभव है।
उन्होंने यह भी कहा कि केवल इस्तीफा देना पर्याप्त नहीं है। परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए व्यापक सुधार आवश्यक हैं। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं से जुड़े सभी मामलों की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कानूनी और प्रशासनिक व्यवस्था लागू की जाए।
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छात्रों का भविष्य किसी भी सरकार की प्राथमिकता होना चाहिए। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि युवाओं का विश्वास तभी मजबूत होगा जब परीक्षा प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित होगी और मेहनत करने वाले विद्यार्थियों को न्याय मिलेगा।
नेहरू चौक में आयोजित विजय उत्सव के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी कर खुशी व्यक्त की तथा राहगीरों और आम नागरिकों को मिठाइयां बांटी। नेताओं ने कहा कि यह उत्सव किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि छात्रों और युवाओं की आवाज को मिली सफलता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सर्वोपरि होती है और सरकारों को जनभावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
कार्यक्रम में ओबीसी विभाग के प्रदेशाध्यक्ष केशव चंद्राकर, शहर कांग्रेस अध्यक्ष गुरमीत चावला, जिला कोषाध्यक्ष सेवनलाल चंद्राकर, शहर महामंत्री निर्मल जैन, ब्लॉक अध्यक्ष खिलावन साहू, दाऊलाल चंद्राकर, निखिलकांत साहू, लक्ष्मी देवांगन, गणेश शर्मा, भरत सिंह ठाकुर, अमन चंद्राकर, अमर चंद्राकर, राजू यादव, तरुण साहू, गिरीश पटेल, नरेन्द्र सेन, काशीराम शर्मा, गुलशन साहू, तबरेज खान, शहबाज राजवानी, सोनम रामटेके, तुलसी साहू, टोमन सिंह कागजी, गोपी तारक, अक्षय साकरकर, हर्षित चंद्राकर, भोलेनाथ गंधर्व, कुणाल चंद्राकर, रिंकू चंद्राकर, अनुराग चंद्राकर, आकाश निषाद, कविता तिवारी, अनीश राजवानी, विष्णु चंद्राकर, राजेश सिन्हा, लोकेश मांझी, बसंत चंद्राकर, जुगल किशोर शर्मा और युवराज साहू सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं समर्थक उपस्थित रहे।
सभा के अंत में सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि छात्रों और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, परीक्षा प्रणाली में सुधार और विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा जैसे मुद्दों को लगातार उठाया जाएगा। कार्यक्रम शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जहां उपस्थित कार्यकर्ताओं ने छात्र हितों की रक्षा और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए निरंतर आवाज उठाने का संकल्प भी दोहराया।