धमतरी में दर्दनाक हादसा: तालाब में डूबने से दो मासूम बच्चियों की मौत, गांव में पसरा मातम

धमतरी जिले के मगरलोड थाना क्षेत्र के ग्राम कपालफोड़ी में नहाने के दौरान तालाब में डूबने से दो मासूम बच्चियों की मौत हो गई। दोनों चौथी कक्षा की छात्राएं थीं। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Jun 26, 2026 - 18:12
Jun 26, 2026 - 18:13
 0  8
धमतरी में दर्दनाक हादसा: तालाब में डूबने से दो मासूम बच्चियों की मौत, गांव में पसरा मातम

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l धमतरी जिले के मगरलोड थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद और हृदय विदारक घटना सामने आई है। ग्राम कपालफोड़ी में तालाब में नहाने गई दो मासूम बच्चियों की डूबने से मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि ग्रामीण भी इस घटना से स्तब्ध हैं।

जानकारी के अनुसार, मृतक बच्चियों की पहचान 9 वर्षीय गीतिका साहू और 8 वर्षीय खुशबू साहू के रूप में हुई है। दोनों स्थानीय स्कूल में चौथी कक्षा की छात्राएं थीं और आपस में अच्छी दोस्त भी थीं। शुक्रवार को दोनों बच्चियां गांव के कपालफोड़ी तालाब में नहाने के लिए गई थीं। नहाने के दौरान वे खेलते-खेलते तालाब के गहरे हिस्से में पहुंच गईं, जहां संतुलन बिगड़ने से दोनों पानी में डूब गईं।

काफी देर तक बच्चियों के घर नहीं लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान तालाब में दोनों बच्चियों के डूबने की आशंका हुई। इसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल राहत प्रयास शुरू किए और दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

घटना की सूचना मिलते ही मगरलोड थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। प्रारंभिक जांच में यह मामला तालाब में डूबने से हुई दुर्घटनावश मौत का प्रतीत हो रहा है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है ताकि सभी तथ्यों की पुष्टि की जा सके।

इस हादसे ने दोनों परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। मासूम बच्चियों की असमय मौत से पूरे कपालफोड़ी गांव में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए बच्चों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई है।

बरसात के मौसम में तालाबों, नदियों और अन्य जलाशयों का जलस्तर बढ़ जाता है, जिससे ऐसे स्थान बच्चों के लिए और अधिक खतरनाक हो जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चों को बिना अभिभावक की निगरानी के तालाब या अन्य जल स्रोतों के पास नहीं जाने देना चाहिए। थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।

यह दर्दनाक घटना एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर संदेश देती है। प्रशासन और स्थानीय लोगों का मानना है कि जलाशयों के आसपास सुरक्षा संबंधी चेतावनी बोर्ड लगाने, निगरानी बढ़ाने और अभिभावकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। फिलहाल पुलिस मामले की विवेचना कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।