राजनांदगांव में IPL सट्टा रैकेट का भंडाफोड़, फरार आरोपी मूलचंद प्रजापति गिरफ्तार
राजनांदगांव में आईपीएल मैचों पर चल रहे हाईटेक सट्टा रैकेट पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार आरोपी मूलचंद प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में अब तक कुल 6 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. नेमिश अग्रवाल, राजनंदगांव l छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में आईपीएल मैचों पर सट्टा खिलाने वाले एक बड़े हाईटेक रैकेट का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक और बड़ी सफलता हासिल की है। थाना बसंतपुर पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी मूलचंद प्रजापति को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले में अब तक कुल 6 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश अभी भी जारी है।
दरअसल, 6 अप्रैल को साइबर सेल और बसंतपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मोहारा नाला के पास संचालित हो रहे ऑनलाइन सट्टा रैकेट पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई में पुलिस ने मौके से 5 आरोपियों—वीरू प्रजापति, रूपेश पाण्डे, आयुष मेश्राम, मोहित देवांगन और लक्की देवांगन उर्फ नरेन्द्र देवांगन—को गिरफ्तार किया था।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, नगदी रकम और सट्टा पट्टियां जब्त की थीं। जब्त सामान की कुल कीमत लगभग 5.5 लाख रुपये आंकी गई थी। यह रैकेट आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर ऑनलाइन सट्टेबाजी चला रहा था।
इस कार्रवाई के बाद से ही एक आरोपी मूलचंद प्रजापति फरार चल रहा था, जिसकी पुलिस लगातार तलाश कर रही थी। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन में टीम ने मुखबिर की सूचना पर दबिश दी और 26 वर्षीय मूलचंद प्रजापति, निवासी मोहारा, को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं, मामले में एक अन्य फरार आरोपी सादिक खान की तलाश भी तेज कर दी गई है और पुलिस का कहना है कि उसे भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक एमएन साहू, उपनिरीक्षक देवादास भारती और अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनकी सराहना की जा रही है।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की सट्टेबाजी या अवैध गतिविधियों से दूर रहें, क्योंकि यह कानूनन अपराध है और इसमें शामिल होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह कार्रवाई न केवल जिले में अवैध सट्टा कारोबार पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ी पहल मानी जा रही है, बल्कि इससे यह भी स्पष्ट संदेश गया है कि पुलिस ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।