शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत आधारशिला: केदार कश्यप, सरस्वती साइकिल योजना से 238 छात्राओं को मिली नई उड़ान

कोंडागांव जिले के मड़ानार और मर्दापाल में सरस्वती साइकिल प्रदाय योजना के तहत 238 छात्राओं को निःशुल्क साइकिलें वितरित की गईं। कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने शिक्षा को उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला बताते हुए छात्राओं को नियमित अध्ययन, अनुशासन और मेहनत के लिए प्रेरित किया। साथ ही प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान किया गया और बस्तर के विकास, शांति तथा स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान पर भी प्रकाश डाला गया।

Jul 26, 2026 - 13:56
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शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत आधारशिला: केदार कश्यप, सरस्वती साइकिल योजना से 238 छात्राओं को मिली नई उड़ान

UNITED NEWS OF ASIA. छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी सरस्वती साइकिल प्रदाय योजना के अंतर्गत कोंडागांव जिले के मड़ानार और मर्दापाल क्षेत्र में कुल 238 छात्राओं को निःशुल्क साइकिलों का वितरण किया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी व्यक्ति के जीवन की सबसे मजबूत आधारशिला होती है और सरकार का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों की बेटियों को शिक्षा से जोड़ते हुए उनके भविष्य को सशक्त बनाना है।

सरस्वती साइकिल प्रदाय योजना राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण छात्रा कल्याणकारी योजना है। इसके तहत कक्षा 9वीं में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों की छात्राओं को निःशुल्क साइकिल उपलब्ध कराई जाती है। योजना का उद्देश्य उन छात्राओं की पढ़ाई को आसान बनाना है जिन्हें विद्यालय तक पहुंचने के लिए प्रतिदिन लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।

कार्यक्रम के दौरान मड़ानार स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित समारोह में मड़ानार, सोनाबाल और गोलावंड की 57 छात्राओं को साइकिलें प्रदान की गईं। वहीं मर्दापाल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मर्दापाल, हसलनार, मटवाल, कांगा, नवागांव और खड़पड़ी क्षेत्र की 181 छात्राओं को योजना का लाभ मिला। कुल मिलाकर 238 छात्राओं को नई साइकिलें वितरित की गईं, जिससे अब उनके लिए विद्यालय तक नियमित रूप से पहुंचना पहले की तुलना में अधिक आसान होगा।

अपने संबोधन में केदार कश्यप ने कहा कि शिक्षा केवल नौकरी प्राप्त करने का माध्यम नहीं बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, आत्मनिर्भरता और समाज के विकास का सबसे प्रभावी साधन है। उन्होंने छात्राओं से कहा कि उन्हें इस अवसर का पूरा लाभ उठाते हुए नियमित रूप से विद्यालय जाना चाहिए और पूरी लगन, मेहनत तथा अनुशासन के साथ अध्ययन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम और शिक्षा के माध्यम से ही जीवन में सफलता प्राप्त की जा सकती है तथा हर छात्रा अपने सपनों को साकार कर सकती है।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की यह योजना विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की उन छात्राओं के लिए बनाई गई है जिन्हें परिवहन सुविधाओं के अभाव में पढ़ाई छोड़ने की नौबत आ जाती थी। साइकिल मिलने से छात्राओं का समय बचेगा, विद्यालय में उनकी नियमित उपस्थिति बढ़ेगी और शिक्षा के प्रति उनका उत्साह भी मजबूत होगा। इससे बालिका शिक्षा को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ विद्यालय छोड़ने की दर में भी कमी आने की उम्मीद है।

कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का भी सम्मान किया गया। बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए केदार कश्यप ने कहा कि प्रतिभा को प्रोत्साहन देना समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी पढ़ाई के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारियों को भी जीवन में अपनाएं। उन्होंने कहा कि सम्मानित विद्यार्थियों की सफलता अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

अपने संबोधन में उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि देश की आजादी लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। विशेष रूप से बस्तर अंचल के वीर सेनानियों ने भी स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। विद्यार्थियों से उन्होंने आग्रह किया कि वे देशभक्ति की भावना को सदैव बनाए रखें और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

बस्तर क्षेत्र के विकास पर चर्चा करते हुए केदार कश्यप ने कहा कि वर्तमान समय में बस्तर तेजी से विकास और शांति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के नेतृत्व में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, संचार और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विस्तार लगातार किया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और विकास कार्यों को गति देने में पुलिस एवं सुरक्षा बलों के योगदान की भी सराहना की।

उन्होंने कहा कि शिक्षा और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। जब गांवों की बेटियां शिक्षित होंगी, तभी समाज का समग्र विकास संभव होगा। सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर सहित राज्य के प्रत्येक दूरस्थ क्षेत्र तक शिक्षा की सुविधाएं पहुंचें और कोई भी छात्र या छात्रा संसाधनों के अभाव में अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़े। सरस्वती साइकिल प्रदाय योजना इसी सोच का परिणाम है, जो हजारों छात्राओं के भविष्य को नई दिशा दे रही है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक, ग्रामीण और विद्यार्थी उपस्थित रहे। जिला पंचायत अध्यक्ष रीता शोरी, जनपद पंचायत अध्यक्ष अनीता कोर्राम सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने भी छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। सभी ने सरकार की इस योजना को बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने वाली प्रभावी पहल बताया।

कार्यक्रम के समापन पर छात्राओं ने नई साइकिल मिलने पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें विद्यालय आने-जाने में सुविधा होगी और वे नियमित रूप से पढ़ाई कर सकेंगी। अभिभावकों ने भी सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिलेगा।

सरस्वती साइकिल प्रदाय योजना आज केवल साइकिल वितरण तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की हजारों बेटियों के सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम बन चुकी है। छात्राओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और विद्यालयों से जोड़कर रखने की दिशा में यह योजना लगातार सकारात्मक परिणाम दे रही है। शिक्षा, आत्मविश्वास और अवसरों का यह संगम भविष्य में छत्तीसगढ़ के सामाजिक और शैक्षणिक विकास को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।