'मन की बात' से मिला विकसित भारत, हरित भारत और जनभागीदारी का प्रेरक संदेश: केदार कश्यप

बीजापुर जिले के जैगुर गांव में आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम के 136वें संस्करण में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप शामिल हुए। कार्यक्रम के बाद उन्होंने 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि 'मन की बात' राष्ट्र निर्माण, जनभागीदारी, पर्यावरण संरक्षण और विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने वाला प्रेरक मंच बन चुका है।

Jul 26, 2026 - 14:55
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'मन की बात' से मिला विकसित भारत, हरित भारत और जनभागीदारी का प्रेरक संदेश: केदार कश्यप

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 136वें संस्करण का प्रसारण रविवार को देशभर में उत्साहपूर्वक सुना गया। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के विकासखंड भैरमगढ़ अंतर्गत ग्राम जैगुर, दरबा में आयोजित विशेष कार्यक्रम में वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पार्टी पदाधिकारियों, ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम को सुना। कार्यक्रम के समापन के बाद उन्होंने 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान केदार कश्यप ने कहा कि 'मन की बात' केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं, बल्कि देशवासियों को सकारात्मक सोच, जनभागीदारी, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक उत्तरदायित्व के लिए प्रेरित करने वाला सशक्त माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक संस्करण में देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे प्रेरणादायक कार्यों, नवाचारों और जनभागीदारी के उदाहरण सामने आते हैं, जो समाज को नई दिशा देने का कार्य करते हैं।

उन्होंने कहा कि इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत कारगिल विजय दिवस के अमर वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की। प्रधानमंत्री ने देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों के साहस, त्याग और समर्पण को नमन किया तथा युवाओं में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और देशसेवा की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। केदार कश्यप ने कहा कि ऐसे प्रेरक प्रसंग नई पीढ़ी को देश के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध कराते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता अभियान, खेल, विज्ञान, नवाचार और जनभागीदारी जैसे अनेक विषयों का उल्लेख किया। देशभर में आम नागरिकों, स्वयंसेवी संगठनों और युवाओं द्वारा किए जा रहे सकारात्मक प्रयासों को सामने लाकर प्रधानमंत्री ने यह संदेश दिया कि विकसित भारत का निर्माण केवल सरकारों के प्रयासों से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से संभव है।

केदार कश्यप ने विशेष रूप से 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण और मातृत्व के प्रति सम्मान प्रकट करने का एक जनआंदोलन बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक यदि अपनी माता के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो आने वाले वर्षों में देश हरित विकास की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकता है।

कार्यक्रम के उपरांत उन्होंने स्वयं पौधारोपण करते हुए उपस्थित लोगों से भी अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। पौधे केवल पर्यावरण को संतुलित नहीं रखते, बल्कि जल संरक्षण, जैव विविधता और स्वच्छ वायु के लिए भी अत्यंत आवश्यक हैं।

अपने संबोधन में केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों और जनभागीदारी आधारित प्रयासों का भी उल्लेख किया, जो पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान प्रदेशवासियों की मेहनत, प्रकृति संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और विकास के प्रति उनके सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। इससे राज्य के लोगों का उत्साह बढ़ा है और उन्हें आगे भी समाज हित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरणा मिलेगी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार पर्यावरण संरक्षण, वन संवर्धन, हरित विकास, ग्रामीण विकास और जनसहभागिता को प्राथमिकता देते हुए अनेक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। सरकार का लक्ष्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ विकास को संतुलित रूप से आगे बढ़ाना है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वच्छ पर्यावरण उपलब्ध हो सके।

वन मंत्री ने कहा कि प्रदेश में वन संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर सृजित करने, जल स्रोतों के संरक्षण, जैव विविधता को बढ़ावा देने और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान भी इसी व्यापक सोच का हिस्सा है, जिसके माध्यम से प्रत्येक नागरिक को प्रकृति संरक्षण के अभियान से जोड़ा जा रहा है।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल सरकारी योजनाओं के लाभार्थी बनकर न रहें, बल्कि समाज और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का भी निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, जल संरक्षण, पौधारोपण, ऊर्जा बचत और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण जैसे छोटे-छोटे प्रयास भी विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने भी पौधारोपण अभियान में भाग लिया तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के अभियान समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नई पीढ़ी को प्रकृति से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।

इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं छत्तीसगढ़ बॉलीबॉल एसोसिएशन अध्यक्ष महेश गागड़ा, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष जी. वेंकट, प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, प्रदेश प्रवक्ता टेकेश्वर जैन सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने प्रधानमंत्री के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने तथा पर्यावरण संरक्षण, जनभागीदारी और राष्ट्र निर्माण के अभियानों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का समापन सामूहिक पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण की शपथ के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे अधिक से अधिक वृक्ष लगाएंगे, उनकी देखभाल करेंगे और अपने आसपास के लोगों को भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करेंगे। इस अवसर पर यह संदेश भी दिया गया कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब विकास के साथ प्रकृति का संरक्षण, जनभागीदारी और सामाजिक उत्तरदायित्व समान रूप से आगे बढ़ेंगे।