रायगढ़ में नन्हे खिलाड़ियों में फुटबॉल का बढ़ता जुनून, ग्रीष्मकालीन शिविर में 80 बच्चे ले रहे प्रशिक्षण

रायगढ़ में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित जिला स्तरीय निशुल्क ग्रीष्मकालीन फुटबॉल शिविर में बड़ी संख्या में बच्चे प्रशिक्षण ले रहे हैं। नटवर स्कूल मैदान में चल रहे इस शिविर में अनुभवी कोच बच्चों को फुटबॉल की बारीकियां सिखा रहे हैं। शिविर का उद्देश्य जिले में खेल प्रतिभाओं को निखारना और युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करना है।

May 20, 2026 - 14:58
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रायगढ़ में नन्हे खिलाड़ियों में फुटबॉल का बढ़ता जुनून, ग्रीष्मकालीन शिविर में 80 बच्चे ले रहे प्रशिक्षण

UNITED NEWS OF ASIA.  महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़ l खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा रायगढ़ में आयोजित जिला स्तरीय निशुल्क ग्रीष्मकालीन फुटबॉल प्रशिक्षण शिविर बच्चों और युवाओं के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। नटवर स्कूल मैदान में 5 मई से शुरू हुआ यह शिविर 26 मई तक संचालित किया जा रहा है, जिसमें प्रतिदिन 70 से 80 बच्चे उत्साह के साथ भाग ले रहे हैं। शिविर का उद्देश्य बच्चों को खेलों के प्रति प्रेरित करना और फुटबॉल की तकनीकी बारीकियों से परिचित कराना है।

शिविर में बच्चों को अनुभवी खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों द्वारा फुटबॉल के विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान खिलाड़ियों को फिजिकल एक्टिविटी, फिटनेस, पासिंग, ड्रिब्लिंग और फुटबॉल के बेसिक स्किल्स सिखाए जा रहे हैं। बच्चों में खेल के प्रति उत्साह और सीखने की ललक साफ दिखाई दे रही है। मैदान में रोजाना सुबह और शाम अभ्यास सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जहां खिलाड़ी अनुशासन और टीम भावना के साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

इस प्रशिक्षण शिविर की खास बात यह है कि यहां बच्चों को आधुनिक उपकरणों और आवश्यक खेल सामग्री के साथ अभ्यास कराया जा रहा है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से खिलाड़ियों के लिए पौष्टिक आहार की व्यवस्था भी की गई है, ताकि बच्चे बेहतर शारीरिक क्षमता और ऊर्जा के साथ प्रशिक्षण ले सकें। विभाग का मानना है कि खेल गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को नई दिशा मिलती है।

शिविर के मुख्य प्रशिक्षक शारदा सिंह गहलोत ने बताया कि वे पिछले 15 वर्षों से लगातार ग्रीष्मकालीन फुटबॉल प्रशिक्षण शिविर का संचालन कर रहे हैं। उनका उद्देश्य रायगढ़ जिले से अधिक से अधिक खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच प्रदान करता है। शारदा सिंह गहलोत स्वयं चार बार गुरु घासीदास विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और दो बार इंडिया फुटबॉल स्तर पर भी खेल चुके हैं। वे वर्षभर अपनी अकादमी में बच्चों को नियमित प्रशिक्षण देते हैं।

शिविर में विजेंद्र यादव, संतोष यादव, प्रमोद और आरिफ भी बच्चों को प्रशिक्षण देने में सहयोग कर रहे हैं। सभी प्रशिक्षक खिलाड़ियों को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने और खेल की बारीकियां समझाने में जुटे हुए हैं।

रायगढ़ में आयोजित यह शिविर न केवल बच्चों को खेल कौशल सिखा रहा है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धा की भावना भी विकसित कर रहा है। अभिभावकों का कहना है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर बच्चों को मोबाइल और अन्य नकारात्मक गतिविधियों से दूर रखकर खेलों की ओर आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आने वाले समय में यह शिविर जिले के कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए सफलता का मंच साबित हो सकता है।