बिहान से मिली नई पहचान, वनांचल की ज्योति पड़वार बनीं लखपति दीदी

कबीरधाम जिले के सेंदूखार गांव की ज्योति पड़वार ने बिहान योजना से मिले 2 लाख रुपये के ऋण की मदद से फैंसी स्टोर शुरू किया। आज वह सालाना ढाई लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं और लखपति दीदी के रूप में पहचान बना रही हैं।

Jun 18, 2026 - 11:15
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बिहान से मिली नई पहचान, वनांचल की ज्योति पड़वार बनीं लखपति दीदी

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा l कवर्धा, 17 जून 2026। कबीरधाम जिले के पंडरिया विकासखंड के सुदूर वनांचल क्षेत्र कुकदूर अंतर्गत ग्राम सेंदूखार की ज्योति पड़वार आज ग्रामीण महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरणादायक मिसाल बन गई हैं। कभी घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित रहने वाली ज्योति ने बिहान योजना से मिले अवसर और अपनी मेहनत के दम पर आर्थिक रूप से मजबूत पहचान बनाई है। आज वे क्षेत्र में "लखपति दीदी" के नाम से जानी जाती हैं।

ज्योति पड़वार बताती हैं कि पहले उनका अधिकांश समय घर-परिवार के कामकाज में ही बीत जाता था। परिवार की आय सीमित होने के कारण आर्थिक चुनौतियां बनी रहती थीं। इसी दौरान उन्होंने बिहान योजना से जुड़कर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया। योजना के तहत उन्हें 2 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ, जिसने उनके जीवन की दिशा बदल दी।

मिली हुई ऋण राशि से ज्योति ने कुकदूर में एक फैंसी स्टोर की शुरुआत की। उन्होंने दुकान के लिए आवश्यक सामान खरीदा और व्यवस्थित ढंग से व्यवसाय शुरू किया। इसके साथ ही उन्होंने अपने पति के सिलाई व्यवसाय में भी सहयोग देना शुरू किया। धीरे-धीरे दोनों के संयुक्त प्रयासों ने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बना दिया।

लगातार मेहनत और लगन के परिणामस्वरूप उनका छोटा व्यवसाय अब सफल उद्यम का रूप ले चुका है। वर्तमान में फैंसी स्टोर और अन्य गतिविधियों से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग ढाई लाख रुपये की आय प्राप्त हो रही है। इसी नियमित आय के आधार पर वे लखपति दीदी की श्रेणी में शामिल हुई हैं।

ज्योति की इस सफलता की चर्चा हाल ही में आयोजित सुशासन तिहार के दौरान भी हुई। ग्राम लोखान में आयोजित चौपाल कार्यक्रम में उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर अपनी सफलता की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि बिहान योजना के सहयोग ने उन्हें न केवल आर्थिक रूप से मजबूत बनाया बल्कि आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर भी दिया।

आज ज्योति पड़वार अपने परिवार की आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उनकी आय से बच्चों की शिक्षा, घरेलू जरूरतों और बचत की व्यवस्था हो रही है। उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई से सोने-चांदी के आभूषण भी खरीदे हैं, जो उनकी आर्थिक प्रगति का प्रतीक है।

ज्योति का मानना है कि यदि महिलाओं को सही मार्गदर्शन और आर्थिक सहयोग मिले तो वे आत्मनिर्भर बनकर परिवार और समाज दोनों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। उनकी सफलता की कहानी क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है।

बिहान योजना के माध्यम से मिली यह सफलता दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक और स्थायी बदलाव ला सकता है।