खेत बचाओ अभियान के तहत कृषि कार्यशाला एवं मेले का आयोजन, 800 किसानों ने लिया लाभ
कवर्धा में कृषि विभाग द्वारा “खेत बचाओ अभियान” के तहत कृषि कार्यशाला एवं मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगभग 800 किसानों ने भाग लेकर जैविक, प्राकृतिक और आधुनिक खेती की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर उत्कृष्ट किसानों को सम्मानित किया गया तथा विभिन्न कृषि सामग्री और मिनीकिट का वितरण भी किया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा l कवर्धा, 17 जून 2026। किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा देने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा “खेत बचाओ अभियान – 12 साल विश्वास के, जनकल्याण के” के अंतर्गत कृषि कार्यशाला एवं कृषि मेले का आयोजन किया गया। जिले में आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 800 किसानों ने भाग लेकर कृषि क्षेत्र से जुड़ी नई जानकारियां प्राप्त कीं।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को जैविक खेती, प्राकृतिक कृषि, आधुनिक कृषि तकनीकों और टिकाऊ खेती की पद्धतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि रासायनिक उर्वरकों पर अत्यधिक निर्भरता कम कर जैविक एवं प्राकृतिक खेती को अपनाने से मिट्टी की उर्वरता लंबे समय तक सुरक्षित रहती है। इससे उत्पादन की गुणवत्ता बेहतर होती है और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है।
कार्यशाला में मौजूद वक्ताओं ने किसानों को आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के उपाय बताए। किसानों को जल संरक्षण, फसल विविधीकरण, उन्नत बीजों के उपयोग तथा वैज्ञानिक खेती के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने किसानों से जैविक और प्राकृतिक खेती को अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि समृद्ध किसान ही विकसित भारत की मजबूत आधारशिला हैं।
कृषि कार्यशाला एवं मेले में कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र नेवारी, संत कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र कवर्धा द्वारा विभिन्न स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों के माध्यम से किसानों को कृषि योजनाओं, उन्नत बीजों, कृषि औषधियों और आधुनिक कृषि उपकरणों की जानकारी प्रदान की गई। किसानों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी समस्याओं और जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया।
इस अवसर पर जिले के उत्कृष्ट और सफल किसानों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। साथ ही किसानों को उन्नत किस्म की अरहर मिनीकिट का वितरण किया गया ताकि वे बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकें। मत्स्य पालन विभाग द्वारा भी लाभार्थियों को मछली बीज एवं आइस बॉक्स प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें वैज्ञानिक, आधुनिक तथा पर्यावरण-अनुकूल कृषि पद्धतियों से जोड़ना था। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ऐसे आयोजन किसानों को नई तकनीकों से परिचित कराने और उनकी आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में किसानों की उपस्थिति रही। किसानों ने इस आयोजन को उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की।