घटना के बाद मकान में रहने वाले लोगों ने पहले स्वयं ही अजगर को भगाने की कोशिश की, लेकिन काफी प्रयास के बावजूद वह अपनी जगह से नहीं हटा। धीरे-धीरे आसपास के लोग भी मौके पर जमा हो गए और स्थिति को देखते हुए किसी प्रकार की अनहोनी से बचने के लिए वन्यजीव रेस्क्यू टीम को सूचना दी गई।
इसके बाद जिले की रेस्क्यू टीम के प्रमुख जितेंद्र सारथी को मामले की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से मकान के ऊपर चढ़कर रेस्क्यू की तैयारी की गई।
स्थानीय लोगों के सहयोग से लगभग 15 फीट ऊंचे छप्पर तक पहुंचने के लिए खपरे को हटाया गया और बड़ी सावधानी के साथ छत पर चढ़कर अजगर को नीचे उतारने की प्रक्रिया शुरू की गई। रेस्क्यू टीम ने अत्यंत सतर्कता बरतते हुए अजगर को किसी भी प्रकार की चोट पहुंचाए बिना सुरक्षित तरीके से नियंत्रित किया।
करीब 8 फीट लंबे विशालकाय अजगर को सफलतापूर्वक नीचे उतारने के बाद उसे सुरक्षित थैले में रखा गया। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होते ही मकान मालिक सहित आसपास मौजूद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। काफी देर तक चले इस रेस्क्यू अभियान के दौरान टीम के सदस्यों ने लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की भी अपील की।
रेस्क्यू के बाद अजगर को उसके प्राकृतिक रहवास क्षेत्र में ले जाकर सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ दिया गया, ताकि वह अपने प्राकृतिक वातावरण में लौट सके और किसी प्रकार का खतरा न बने।
घटना के संबंध में मकान मालिक दिनेश कुमार ने बताया कि सुबह अचानक छप्पर की ओर देखने पर अजगर दिखाई दिया, जिससे परिवार के सभी सदस्य डर गए थे। उन्होंने कहा कि इतनी ऊंचाई पर अजगर को देखकर वे घबरा गए और तत्काल रेस्क्यू टीम को बुलाने का निर्णय लिया।
वहीं रेस्क्यू टीम सदस्य जितेन सारथी ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में अक्सर बारिश और मौसम परिवर्तन के दौरान सांप और अन्य वन्यजीव आबादी क्षेत्र की ओर आ जाते हैं। ऐसे में लोगों को घबराने की बजाय तुरंत प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना देनी चाहिए, ताकि जान-माल का नुकसान न हो और वन्यजीवों को भी सुरक्षित बचाया जा सके।
रेस्क्यू टीम ने लोगों से अपील की है कि यदि इस तरह की कोई भी घटना सामने आए तो स्वयं जोखिम उठाने के बजाय तत्काल प्रशासन या या रेस्क्यू टीम को सूचित करें, ताकि समय रहते सुरक्षित कार्रवाई की जा सके।