बिजली उत्पादन कर्मचारी संघ ने 7 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन, पुरानी पेंशन बहाली पर आंदोलन की चेतावनी

भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध बिजली उत्पादन कर्मचारी संघ ने मड़वा जनरेशन इकाई में पुरानी पेंशन बहाली सहित सात प्रमुख मांगों को लेकर मुख्य अभियंता को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए प्रदेशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा प्रस्तुत की।

Jun 11, 2026 - 12:14
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बिजली उत्पादन कर्मचारी संघ ने 7 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन, पुरानी पेंशन बहाली पर आंदोलन की चेतावनी

UNITED NEWS OF ASIA. हितेश पाण्डेय, जांजगीर l भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) से संबद्ध बिजली उत्पादन कर्मचारी संघ, मड़वा जनरेशन इकाई ने कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर मुख्य अभियंता (जनरेशन) मड़वा को सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। संघ ने प्रबंधन पर पुरानी पेंशन बहाली सहित कई मुद्दों पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए आंदोलन को पुनः तेज करने की चेतावनी दी है।

संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि कर्मचारियों की मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में व्यापक असंतोष व्याप्त है। इसी के विरोध में प्रदेशभर में ज्ञापन अभियान चलाया जा रहा है, जो अब आंदोलन का स्वरूप लेता जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

ज्ञापन में पुरानी पेंशन योजना की बहाली को प्रमुख मांग के रूप में शामिल किया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि पेंशन सामाजिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार है और इसे बहाल किया जाना आवश्यक है। इसके अलावा तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की रिस्ट्रक्चरिंग, तकनीकी कर्मचारियों के लिए तकनीकी भत्ता, वेज रिवीजन के लिए समिति गठन तथा पावर कंपनी के कर्मचारियों की वरिष्ठता सूची जारी करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है।

संघ ने संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की मांग करते हुए कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों को स्थायी रोजगार का लाभ मिलना चाहिए। साथ ही बाह्य स्रोत और ठेका श्रमिकों के वेतन भुगतान की व्यवस्था सीधे पावर कंपनी के माध्यम से किए जाने तथा भविष्य की भर्ती प्रक्रियाओं में उन्हें प्राथमिकता दिए जाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की गई है।

कार्यक्रम के दौरान संघ के प्रदेश अध्यक्ष राघवेंद्र राठौर ने कहा कि कर्मचारी हितों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों को लेकर संगठन लगातार संघर्ष कर रहा है और आगे भी कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज उठाई जाएगी।

ज्ञापन सौंपने के दौरान हरीश राठौर (अध्यक्ष), सतवंत कंवर (कार्यकारी अध्यक्ष), सोहित सारथी (मंत्री), विश्वजीत राठौर (कोषाध्यक्ष) सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कर्मचारी हितों की रक्षा और लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की।

बिजली उत्पादन कर्मचारी संघ ने मुख्य अभियंता मड़वा के माध्यम से अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी को भी ज्ञापन प्रेषित किया है। संगठन का कहना है कि यदि मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन को और अधिक प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया जाएगा। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि प्रबंधन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर सकारात्मक निर्णय लेगा।