रायपुर में ‘कैच द रैन’ जल संवाद, वर्षा जल संचयन को वैज्ञानिक ढंग से बढ़ावा देने पर जोर

रायपुर नगर निगम मुख्यालय में ‘कैच द रैन’ अभियान के तहत जल संवाद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वर्षा जल संचयन को वैज्ञानिक तरीके से लागू करने, जनजागरूकता बढ़ाने और रेन वाटर हार्वेस्टिंग को प्रभावी बनाने के लिए विशेषज्ञों, बिल्डरों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से सुझाव लिए गए।

Jul 22, 2026 - 16:40
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रायपुर में ‘कैच द रैन’ जल संवाद, वर्षा जल संचयन को वैज्ञानिक ढंग से बढ़ावा देने पर जोर

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रायपुर नगर पालिक निगम मुख्यालय में ‘कैच द रैन’ अभियान के तहत जल संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (NIUA) के उत्सव चौधरी सहित नगर निगम के अधिकारी, बिल्डरों के प्रतिनिधि, आर्किटेक्ट, जियो हाईड्रोलॉजिस्ट, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी और नगर निवेश विभाग के अभियंता शामिल हुए। कार्यक्रम में वर्षा जल संचयन को अधिक प्रभावी और वैज्ञानिक तरीके से लागू करने पर विस्तृत चर्चा की गई।

जल संवाद के दौरान उत्सव चौधरी ने रायपुर नगर निगम द्वारा रेन वाटर हार्वेस्टिंग के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इसे जनभागीदारी के माध्यम से और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने बिल्डरों, आर्किटेक्ट्स, जियो हाईड्रोलॉजिस्ट और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से सुझाव प्राप्त किए तथा सभी से अपील की कि वे वर्षा जल संचयन से जुड़े अपने कार्यों और नवाचारों को सोशल मीडिया पर साझा करें, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से प्रेरित होकर जुड़ सकें।

नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप शहर में वर्षा जल संचयन को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने नगर निगम के सभी जोनों के नगर निवेश विभाग के अभियंताओं को निर्देश दिए कि वैज्ञानिक मानकों के अनुसार अधिक से अधिक स्थानों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित किए जाएं। उन्होंने कहा कि नगर निगम की प्राथमिकता शहर में जल संरक्षण की स्थायी व्यवस्था विकसित करना और लोगों को इसके प्रति जागरूक बनाना है।

अपर आयुक्त लोकेश्वर साहू ने कहा कि ‘कैच द रैन’ अभियान को सफल बनाने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि आम नागरिकों की भागीदारी भी बेहद जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को इस अभियान से जोड़ा जाए, क्योंकि बच्चे जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, जबकि वरिष्ठ नागरिक अपने अनुभवों से समाज का मार्गदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि समाज के सभी वर्ग मिलकर जल संरक्षण की दिशा में कार्य करें तो भविष्य की पीढ़ियों के लिए पर्याप्त जल संसाधन सुरक्षित रखे जा सकते हैं।

कार्यक्रम में जियो हाईड्रोलॉजिस्ट विपिन दुबे ने सुझाव दिया कि शहर के किसी सार्वजनिक उद्यान में मॉडल ग्राउंड वाटर रिचार्ज पीट तैयार किया जाए, ताकि उसके परिणामों का अध्ययन कर अन्य स्थानों पर भी उसी तकनीक को लागू किया जा सके। उन्होंने कहा कि रिचार्ज पीट का निर्माण तकनीकी मानकों के अनुरूप होना चाहिए, जिससे भूजल की गुणवत्ता बनी रहे और भविष्य में बैक्टीरिया या अन्य प्रदूषण की समस्या उत्पन्न न हो।

बैठक में मौजूद आर्किटेक्ट्स और विशेषज्ञों ने रायपुर में ‘कैच द रैन’ अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत एक्शन प्लान तैयार करने का सुझाव दिया। उनका मानना था कि यदि तकनीकी विशेषज्ञों, नगर निगम और आम नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए तो वर्षा जल संचयन की व्यवस्था अधिक प्रभावी हो सकती है।

नगर निगम ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में शहर में जल संरक्षण और भूजल स्तर बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक तकनीकों का अधिक व्यापक उपयोग किया जाएगा। साथ ही जनजागरूकता अभियान चलाकर नागरिकों को वर्षा जल संचयन के महत्व से अवगत कराया जाएगा, ताकि रायपुर को जल संरक्षण के क्षेत्र में एक मॉडल शहर के रूप में विकसित किया जा सके।