मातृ-शिशु स्वास्थ्य और कुपोषण पर बनेगी समन्वित रणनीति, यूनिसेफ के सहयोग से सरकार तैयार करेगी कार्ययोजना

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने यूनिसेफ की भारत प्रतिनिधि सिंथिया मैककैफ्रे के साथ बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण उन्मूलन और बाल विकास के लिए सभी विभागों के समन्वय से प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। यूनिसेफ तकनीकी सहयोग प्रदान करेगा।

Jul 22, 2026 - 16:43
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मातृ-शिशु स्वास्थ्य और कुपोषण पर बनेगी समन्वित रणनीति, यूनिसेफ के सहयोग से सरकार तैयार करेगी कार्ययोजना

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और कुपोषण मुक्त प्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में राज्य सरकार ने नई पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में यूनिसेफ की भारत प्रतिनिधि सिंथिया मैककैफ्रे से मुलाकात कर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और बच्चों के समग्र विकास से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में यह तय किया गया कि यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से विभिन्न विभाग मिलकर एक समन्वित और परिणामोन्मुख कार्ययोजना तैयार करेंगे।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा बच्चों के पोषण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ माताएं और स्वस्थ बच्चे ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव हैं। यदि समाज के सबसे कमजोर वर्गों तक स्वास्थ्य और पोषण संबंधी योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंचेगा, तभी प्रदेश के समग्र विकास का लक्ष्य पूरा हो सकेगा।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा आदिम जाति विकास विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का प्रभाव तभी बढ़ेगा, जब सभी विभाग साझा लक्ष्य और बेहतर समन्वय के साथ कार्य करेंगे। इसके लिए मल्टी-सेक्टोरल रणनीति तैयार की जाएगी, जिससे शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर और कुपोषण जैसी गंभीर चुनौतियों में प्रभावी कमी लाई जा सके।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित निगरानी, बेहतर समन्वय और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि बच्चों के पोषण स्तर में गुणात्मक सुधार लाने के लिए सभी विभागों को मिलकर दीर्घकालिक रणनीति पर कार्य करना होगा।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने यूनिसेफ की भारत प्रतिनिधि सिंथिया मैककैफ्रे का छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपरा के अनुरूप शॉल और प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान ‘नंदी’ स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। वहीं सिंथिया मैककैफ्रे ने भारत में यूनिसेफ के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारतीय डाक विभाग द्वारा जारी विशेष स्मारक डाक टिकट मुख्यमंत्री को भेंट किया।

सिंथिया मैककैफ्रे ने मुख्यमंत्री का "जय जोहार" कहकर अभिवादन किया और छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत तथा यहां के लोगों की सरलता की सराहना की। उन्होंने कहा कि यूनिसेफ लंबे समय से राज्य सरकार के साथ मिलकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, बाल संरक्षण और बाल विकास के क्षेत्रों में कार्य कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य सरकार और यूनिसेफ के संयुक्त प्रयासों से बच्चों का भविष्य अधिक सुरक्षित, स्वस्थ और बेहतर बनाया जा सकेगा।

बैठक में मंत्रिमंडल के सदस्य, मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, यूनिसेफ छत्तीसगढ़ की प्रमुख सीमा कुमार, अनिल गुलाटी तथा डॉ. बाल पारितोष दास सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में सभी ने स्वास्थ्य, पोषण और बाल विकास के क्षेत्र में समन्वित प्रयासों को और मजबूत बनाने पर सहमति व्यक्त की। राज्य सरकार का मानना है कि विभागों के साझा प्रयास और यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से छत्तीसगढ़ को कुपोषण मुक्त बनाने और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त होगी।