खाद-बीज संकट पर कांग्रेस का हमला, किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार को घेरा

प्रदेश कांग्रेस ने खरीफ सीजन में खाद और बीज की कमी को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का कहना है कि सहकारी समितियों में पर्याप्त खाद-बीज उपलब्ध नहीं है, जिससे किसान परेशान हैं और कालाबाजारी बढ़ रही है। पार्टी ने सरकार से तत्काल पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज उपलब्ध कराने और किसानों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की है।

Jul 26, 2026 - 12:56
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खाद-बीज संकट पर कांग्रेस का हमला, किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार को घेरा

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन के दौरान खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार पर किसानों की जरूरतों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेशभर की सहकारी समितियों में खाद और बीज का गंभीर संकट बना हुआ है। कांग्रेस का दावा है कि किसान लगातार परेशान हैं, कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन सरकार समस्या स्वीकार करने के बजाय केवल दावे कर रही है।

प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि खरीफ खेती का महत्वपूर्ण समय तेजी से बीत रहा है, लेकिन किसानों को अब तक पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी व्यवस्था की कमी के कारण बाजार में खाद और बीज की कालाबाजारी बढ़ रही है तथा नकली और अमानक गुणवत्ता वाले उत्पाद भी बेचे जा रहे हैं। इससे किसानों को मजबूरी में अधिक कीमत देकर खाद और बीज खरीदना पड़ रहा है।

कांग्रेस ने सवाल उठाया कि यदि सहकारी समितियों में पर्याप्त खाद और बीज उपलब्ध नहीं है तो निजी दुकानों में वही सामग्री ऊंचे दामों पर कैसे मिल रही है। पार्टी ने नकली खाद और बीज की बिक्री पर भी चिंता जताते हुए कहा कि किसानों की शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। कांग्रेस ने मांग की कि सरकार कालाबाजारी और नकली उत्पादों के खिलाफ सख्त अभियान चलाए।

पार्टी का आरोप है कि सरकार ने किसानों को मिलने वाली खाद की सीमा भी कम कर दी है। कांग्रेस के अनुसार पहले किसानों को प्रति एकड़ दो बोरी यूरिया और दो बोरी डीएपी उपलब्ध कराई जाती थी, लेकिन अब इसे घटाकर प्रति एकड़ एक-एक बोरी तक सीमित कर दिया गया है। इसके अलावा सहकारी समितियों में ऋण वितरण के अनुपात में भी बदलाव किया गया है, जिससे किसानों को आवश्यक कृषि सामग्री प्राप्त करने में अतिरिक्त कठिनाई हो रही है।

कांग्रेस ने यह भी कहा कि प्रदेश में गोठानों के बंद होने और वर्मी कंपोस्ट जैसी जैविक खाद की व्यवस्था प्रभावित होने से किसानों के सामने विकल्प भी सीमित हो गए हैं। ऐसे में रासायनिक खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। पार्टी का कहना है कि यदि समय पर खाद और बीज नहीं मिला तो इसका सीधा असर खरीफ फसलों के उत्पादन और किसानों की आय पर पड़ेगा।

कांग्रेस ने सरकार से मांग की कि प्रदेश की सभी सहकारी समितियों में वास्तविक मांग के अनुसार खाद और बीज का तत्काल भंडारण कराया जाए। साथ ही निजी बाजार में हो रही कालाबाजारी, नकली खाद और बीज की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जाए। पार्टी ने यह भी कहा कि किसानों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि उन्हें समय पर कृषि सामग्री उपलब्ध हो सके।

कांग्रेस का कहना है कि किसानों की समस्याओं का समाधान केवल दावों से नहीं बल्कि प्रभावी व्यवस्थाओं से संभव है। पार्टी ने सरकार से आग्रह किया कि खरीफ सीजन को देखते हुए खाद और बीज की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके और प्रदेश में कृषि उत्पादन प्रभावित न हो। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो विरोध प्रदर्शन और तेज हो सकते हैं।