ओवैसी का बड़ा बयान: ‘देश के बंटवारे के लिए कांग्रेस जिम्मेदार’, भाजपा को रोकने का दावा

असदुद्दीन ओवैसी ने देश के बंटवारे को लेकर कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा को रोकने की ताकत सिर्फ उनकी पार्टी के पास है, जिससे राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

Apr 20, 2026 - 14:08
 0  2
ओवैसी का बड़ा बयान: ‘देश के बंटवारे के लिए कांग्रेस जिम्मेदार’, भाजपा को रोकने का दावा

UNITED NEWS OF ASIA. भारतीय राजनीति में बयानबाजी का दौर लगातार तेज होता जा रहा है और इसी कड़ी में असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर बड़ा और विवादित बयान देकर सियासी हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने देश के बंटवारे को लेकर कांग्रेस पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि “देश के बंटवारे के लिए मुसलमान नहीं, बल्कि कांग्रेस जिम्मेदार है।”

ओवैसी ने अपने बयान में यह भी दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को अगर कोई पार्टी रोक सकती है, तो वह सिर्फ उनकी पार्टी AIMIM है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है और विभिन्न दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं।

ओवैसी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब देश में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। उन्होंने कांग्रेस की नीतियों और ऐतिहासिक फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को अपने अतीत की जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।

इतिहास के संदर्भ में देश का विभाजन एक बेहद संवेदनशील विषय रहा है, जिस पर अलग-अलग राजनीतिक दलों और विचारधाराओं के अपने-अपने दृष्टिकोण हैं। ओवैसी के बयान ने एक बार फिर इस बहस को जीवित कर दिया है कि आखिर विभाजन के लिए कौन जिम्मेदार था।

इसके साथ ही, उन्होंने भाजपा को लेकर भी तीखा हमला बोला और कहा कि उनकी पार्टी AIMIM ही भाजपा के खिलाफ मजबूती से लड़ सकती है। उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की कि वे उनकी पार्टी को मजबूत बनाएं ताकि सांप्रदायिक राजनीति का मुकाबला किया जा सके।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ओवैसी का यह बयान चुनावी रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिसके जरिए वे अपने समर्थकों को संगठित करने और अपनी पार्टी की राजनीतिक स्थिति मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं।

वहीं, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की ओर से इस बयान पर प्रतिक्रिया आना तय माना जा रहा है। कांग्रेस पहले भी ऐसे आरोपों को खारिज करती रही है और संभव है कि इस बार भी पार्टी कड़ी प्रतिक्रिया दे।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि भारतीय राजनीति में इतिहास और पहचान से जुड़े मुद्दे किस तरह से वर्तमान राजनीति को प्रभावित करते हैं। बयानबाजी के इस दौर में जहां एक ओर राजनीतिक दल अपने-अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने में लगे हैं, वहीं आम जनता के सामने कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।

फिलहाल, ओवैसी के इस बयान के बाद सियासी माहौल और अधिक गरमा गया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मुद्दे पर अन्य राजनीतिक दल किस तरह की प्रतिक्रिया देते हैं और इसका चुनावी राजनीति पर क्या असर पड़ता है।

कुल मिलाकर, यह बयान केवल एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं, बल्कि एक व्यापक बहस की शुरुआत है, जो इतिहास, राजनीति और वर्तमान परिस्थितियों के बीच संबंध को फिर से उजागर करती है।