जोंक नदी हादसा: लापता बाइक चालक भागीरथी साहू की तलाश तीसरे दिन भी जारी

महासमुंद जिले के पिथौरा क्षेत्र में जोंक नदी के पुराने पुल पर 30 अगस्त को कार और बाइक की भिड़ंत के बाद लापता हुए बाइक चालक भागीरथी साहू की तलाश तीसरे दिन भी जारी है। एसडीआरएफ की टीम बोट और गोताखोरों की मदद से नदी में सर्च ऑपरेशन चला रही है। हादसे में छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था, जबकि कार सवार राजकुमार निषाद की डूबने से मौत हो गई। भागीरथी साहू का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। साहू समाज ने कलेक्टर और एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर मामले में आवश्यक कार्रवाई और परिवार की मदद की मांग की है। जर्जर और बिना रेलिंग वाले पुराने पुल को लेकर भी ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है।

Sep 1, 2026 - 19:14
Sep 1, 2026 - 19:19
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जोंक नदी हादसा: लापता बाइक चालक भागीरथी साहू की तलाश तीसरे दिन भी जारी

UNITED NEWS OF ASIA. शिखा दास, महासमुन्द l जिले के पिथौरा क्षेत्र में जोंक नदी के पुराने पुल पर 30 अगस्त को हुए हादसे के बाद लापता बाइक चालक भागीरथी साहू की तलाश तीसरे दिन भी जारी है। कार और बाइक की भिड़ंत के बाद दोनों वाहन नदी में जा गिरे थे। हादसे के बाद से भागीरथी साहू का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। परिवार इस घटना के बाद सदमे में है और लगातार उसके सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए हुए है।

लापता बाइक चालक की तलाश के लिए एसडीआरएफ की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। नदी में तेज बहाव और अधिक गहराई के बीच एसडीआरएफ की बोट और गोताखोरों की मदद से नदी के अलग-अलग हिस्सों में तलाश की जा रही है। नदी किनारे स्थित गांवों में भी मुनादी कराकर लोगों से किसी प्रकार की जानकारी मिलने पर तत्काल प्रशासन और पुलिस को सूचना देने की अपील की जा रही है।

हादसे के बाद छह लोगों को सुरक्षित नदी से बाहर निकाला गया था, जबकि कार सवार राजकुमार निषाद की डूबने से मौत हो गई। वहीं बाइक चालक भागीरथी साहू की तलाश सोमवार से लगातार जारी है। दूसरे दिन भी सर्च ऑपरेशन के दौरान कोई सुराग नहीं मिला और तीसरे दिन भी एसडीआरएफ की टीम नदी में तलाश अभियान चला रही है।

इस हादसे ने जोंक नदी के पुराने पुल की स्थिति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों के अनुसार बिना रेलिंग वाले जर्जर पुल से आसपास के कई गांवों के लोग रोजाना आवागमन करते हैं। महज करीब तीन किलोमीटर की दूरी बचाने के लिए ग्रामीण इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। बारिश के दौरान नदी का जलस्तर और बहाव बढ़ने से यह रास्ता और अधिक जोखिमपूर्ण हो जाता है।

ग्रामीणों का कहना है कि पुराने पुल की स्थिति लंबे समय से खराब है। यह पुल कभी मुंबई-कोलकाता मार्ग एनएच-06, जो अब एनएच-53 है, का मुख्य हिस्सा हुआ करता था। करीब 12 वर्ष पूर्व फोरलेन मार्ग और नया पुल बनने के बाद पुराने पुल का उपयोग कम हो गया, लेकिन आसपास के ग्रामीण अब भी आवागमन के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं।

हादसे के बाद साहू समाज की ओर से कलेक्टर और एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा गया है। समाज और ग्रामीणों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। परिवार की चिंता के बीच प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम भागीरथी साहू की तलाश में जुटी हुई है।

जोंक नदी में जारी यह सर्च ऑपरेशन तेज बहाव और नदी की गहराई के कारण चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। प्रशासन और बचाव दल की ओर से लगातार तलाश की जा रही है। ग्रामीणों की नजर अब लापता बाइक चालक के सुरक्षित मिलने और पुराने पुल की स्थिति को लेकर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।