शाला प्रवेशोत्सव पर कांग्रेस का हमला, राकेश ठाकुर ने पाटन की उपेक्षा का लगाया आरोप
कांग्रेस के दुर्ग ग्रामीण जिला अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने पाटन क्षेत्र की उपेक्षा, शिक्षकों की कमी, विद्यार्थियों को समय पर किताबें नहीं मिलने और राजनीतिक भेदभाव के आरोप लगाए।
UNITED NEWS OF ASIA. रोहिताश सिंह भुवाल, दुर्ग l राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग ग्रामीण के अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पाटन विधानसभा क्षेत्र के जामगांव (एम) में आयोजित शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए, लेकिन क्षेत्र के विकास और शिक्षा व्यवस्था को लेकर कोई ठोस घोषणा नहीं की गई। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के आयोजन के बावजूद पाटन क्षेत्र के लोगों को अपेक्षित सौगात नहीं मिली, जिससे स्थानीय नागरिकों में निराशा है।
राकेश ठाकुर ने कहा कि पाटन विधानसभा क्षेत्र के अनेक सरकारी विद्यालय आज भी शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए लगभग एक माह का समय बीत चुका है, लेकिन कई स्कूलों में विद्यार्थियों को अब तक सभी आवश्यक पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में इन जमीनी समस्याओं का उल्लेख नहीं किया और न ही उनके समाधान के लिए किसी नई योजना या घोषणा की।
उन्होंने आरोप लगाया कि शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में अधिक भीड़ दिखाने के उद्देश्य से क्षेत्र के कई स्कूलों में छुट्टी घोषित कर विद्यार्थियों और शिक्षकों को कार्यक्रम स्थल तक लाया गया। इससे विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हुई। राकेश ठाकुर ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना चाहती है तो उसे बड़े आयोजनों की बजाय विद्यालयों की मूलभूत समस्याओं के समाधान पर प्राथमिकता देनी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने राज्य सरकार पर राजनीतिक भेदभाव का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पाटन विधानसभा क्षेत्र के साथ उपेक्षा इसलिए की जा रही है क्योंकि यहां के विधायक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मुख्यमंत्री स्वयं पाटन पहुंचे थे तो क्षेत्र के विकास, शिक्षा व्यवस्था और स्थानीय आवश्यकताओं को लेकर कोई महत्वपूर्ण घोषणा क्यों नहीं की गई। उनके अनुसार इससे यह संदेश गया है कि सरकार राजनीतिक आधार पर क्षेत्रों के साथ अलग-अलग व्यवहार कर रही है।
राकेश ठाकुर ने कहा कि पाटन क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए शिक्षकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाना चाहिए। साथ ही सभी विद्यार्थियों तक समय पर पाठ्यपुस्तकें पहुंचाने और विद्यालयों में आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल समारोह आयोजित करने से शिक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं होगी, बल्कि इसके लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है।
उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि प्रचार और औपचारिक आयोजनों से आगे बढ़कर शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक चुनौतियों पर ध्यान दिया जाए। कांग्रेस का कहना है कि प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए और विकास योजनाओं का लाभ बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के प्रत्येक क्षेत्र तक पहुंचना चाहिए।
राकेश ठाकुर ने कहा कि पाटन विधानसभा क्षेत्र की जनता बेहतर शिक्षा व्यवस्था और संतुलित विकास की अपेक्षा रखती है। सरकार को चाहिए कि वह क्षेत्र में शिक्षकों की कमी दूर करे, विद्यार्थियों को समय पर सभी शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए और शिक्षा के क्षेत्र में आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाकर जनता का विश्वास मजबूत करे।