डी.ए.वी. मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल, जांता में गुरु पूर्णिमा पर वैदिक हवन यज्ञ एवं गुरु वंदन कार्यक्रम का भव्य आयोजन

बेमेतरा जिले के डी.ए.वी. मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल, जांता में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर वैदिक हवन यज्ञ एवं गुरु वंदन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने गुरुजनों का सम्मान करते हुए वैदिक परंपरा के अनुसार हवन में आहुति दी तथा भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को आत्मसात करने का संदेश प्राप्त किया।

Jul 29, 2026 - 16:42
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डी.ए.वी. मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल, जांता में गुरु पूर्णिमा पर वैदिक हवन यज्ञ एवं गुरु वंदन कार्यक्रम का भव्य आयोजन

UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर डी.ए.वी. मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल, जांता में वैदिक परंपरा के अनुरूप वैदिक हवन यज्ञ एवं गुरु वंदन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। पूरे कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा, आस्था और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के अनुरूप किया गया, जिसमें विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों तथा कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।

कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन यज्ञ से हुआ। विद्यालय परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा और सभी विद्यार्थियों ने पूर्ण श्रद्धा के साथ हवन में आहुति देकर विद्यालय, समाज एवं राष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान विद्यार्थियों ने अपने साथ लाए नारियल, पुष्प एवं पुष्पमालाएं अर्पित कर गुरुजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की।

प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों को गुरु पूर्णिमा के महत्व से अवगत कराया गया। शिक्षकों ने भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि गुरु केवल ज्ञान देने वाले शिक्षक नहीं होते, बल्कि वे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, नैतिक मूल्यों के विकास और जीवन को सही दिशा प्रदान करने वाले मार्गदर्शक भी होते हैं। विद्यार्थियों को अपने माता-पिता एवं गुरुजनों का सदैव सम्मान करने तथा उनके बताए आदर्शों पर चलने की प्रेरणा दी गई।

विद्यालय के संस्कृत शिक्षक प्रकाश भोई ने वैदिक हवन यज्ञ का संचालन कराया। उन्होंने गुरु पूर्णिमा के महत्व को विस्तार से बताते हुए कहा कि गुरु जीवन के सच्चे पथप्रदर्शक होते हैं। उनके मार्गदर्शन, अनुभव और प्रेरणा से ही विद्यार्थी जीवन में सफलता प्राप्त करते हैं तथा समाज और राष्ट्र के जिम्मेदार नागरिक बनते हैं।

विद्यालय के प्राचार्य पी एल जायसवाल ने सभी छात्र-छात्राओं को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गुरु के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना प्रत्येक विद्यार्थी के जीवन का महत्वपूर्ण आधार होनी चाहिए।

कार्यक्रम का समापन शांति पाठ एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ। आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ललित देवांगन, अकलेश पटेल, अनिल चंद्रवंशी, गोविन्द साहू, अजय सेन, आयुषी जैन, रीनू राजपूत, विमल साहू, राजा तंतुवाय, अभिषेक दुबे, संदीप कुमार, रेणुका पटेल, साक्षी शर्मा, ऐश्वर्य देशमुख, ममता चंद्राकर, गायत्री सिन्हा, वर्षा वैष्णव, शोभारानी साहू, अनिल कुमार, प्रकाश भोई, प्रीति यादव, प्रांजलि ठाकुर, आर्या निधि, लेखनी चंद्राकर, भुनेश्वरी चंद्राकर, नीलमणि, यामिनी साहू, भारती भट्ट, कैलाश सिंह, भारती बंजारे, रुद्राभिषेक सोनी, कुसुम, सुखदेव साहू, रूखमणी चंद्राकर, रामेश्वरी चंद्राकर, युवराज चंद्राकर, नरेश साहू, विजय चंद्राकर, कुंती यादव सहित अन्य कर्मचारियों एवं सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विद्यालय परिवार ने इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, गुरु सम्मान और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित करने का सार्थक प्रयास किया।