बेमेतरा में शहरी आवासीय एवं डायवर्टेड भूमि का एग्रीस्टैक पंजीयन अनिवार्य, अनक्लेम खाताधारक शीघ्र करें क्लेम
जिला प्रशासन बेमेतरा ने शहरी क्षेत्र के सभी आवासीय एवं डायवर्टेड भूमि स्वामियों से एग्रीस्टैक पोर्टल पर अनिवार्य पंजीयन कराने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि अनक्लेम श्रेणी में प्रदर्शित खाताधारक शीघ्र क्लेम प्रस्तुत करें, ताकि भविष्य में ऑनलाइन सेवाओं एवं शासकीय योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के प्राप्त हो सके।
UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l जिला प्रशासन बेमेतरा ने जिले के शहरी क्षेत्र के सभी आवासीय एवं डायवर्टेड भूमि स्वामियों से अपनी भूमि का एग्रीस्टैक पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने की अपील की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन खाताधारकों की जानकारी एग्रीस्टैक पोर्टल पर अनक्लेम (Unclaimed) श्रेणी में प्रदर्शित हो रही है, वे बिना विलंब अपना क्लेम प्रस्तुत कर पंजीयन की प्रक्रिया पूर्ण करें। इससे उनकी भूमि का रिकॉर्ड शासन के डिजिटल डेटाबेस में सही, प्रमाणित एवं अद्यतन रूप में दर्ज हो सकेगा।
जिला प्रशासन के अनुसार एग्रीस्टैक भारत सरकार एवं राज्य शासन की एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल है, जिसका उद्देश्य भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण कर उन्हें अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है। इस व्यवस्था के माध्यम से भूमि संबंधी जानकारी को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे भविष्य में नागरिकों को विभिन्न सेवाओं का लाभ सरल और त्वरित रूप से मिल सके।
प्रशासन ने बताया कि आने वाले समय में शासन द्वारा संचालित विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं, भूमि संबंधी प्रमाण-पत्रों, राजस्व सेवाओं तथा अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए संबंधित भूमि का एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकृत एवं सत्यापित होना आवश्यक होगा। यदि समय रहते पंजीयन नहीं कराया गया, तो भविष्य में आवश्यक सेवाओं का लाभ लेने में तकनीकी अथवा प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
जिला प्रशासन ने यह भी जानकारी दी कि वर्तमान में अनेक भूमि स्वामियों के खाते एग्रीस्टैक पोर्टल पर अनक्लेम श्रेणी में लंबित हैं। ऐसे मामलों में संबंधित खाताधारक द्वारा क्लेम प्रस्तुत किए बिना भूमि का सत्यापन पूर्ण नहीं हो सकेगा। इसलिए सभी संबंधित नागरिकों से इस प्रक्रिया को गंभीरता से लेने और शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की गई है, ताकि उनके भूमि अभिलेख डिजिटल रूप से प्रमाणित हो सकें।
भूमि स्वामी अपने निकटतम लोक सेवा केंद्र, संबंधित तहसील कार्यालय, राजस्व निरीक्षक अथवा पटवारी के माध्यम से आवश्यक दस्तावेजों के साथ एग्रीस्टैक पंजीयन एवं क्लेम की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि अंतिम समय तक प्रतीक्षा करने के बजाय समय रहते सभी औपचारिकताएं पूरी करें, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
जिला प्रशासन का कहना है कि डिजिटल भूमि रिकॉर्ड प्रणाली से राजस्व सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी, रिकॉर्ड का संरक्षण बेहतर होगा और नागरिकों को विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं ऑनलाइन सेवाओं का लाभ अधिक सरलता और तेजी से मिलेगा। प्रशासन ने सभी पात्र भूमि स्वामियों से अपील की है कि वे अपने भूमि रिकॉर्ड का समय पर पंजीयन एवं सत्यापन कराकर शासन की डिजिटल व्यवस्था से जुड़ें और भविष्य में उपलब्ध होने वाली सभी सुविधाओं का निर्बाध लाभ सुनिश्चित करें। अधिक जानकारी के लिए संबंधित तहसील कार्यालय, राजस्व निरीक्षक, पटवारी अथवा निकटस्थ लोक सेवा केंद्र से संपर्क किया जा सकता है।