भारी वर्षा के बीच धमतरी के जलाशयों का सुरक्षित संचालन जारी, सोंढूर, दुधावा और गंगरेल में नियंत्रित जल प्रबंधन
धमतरी जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते सोंढूर, दुधावा और गंगरेल जलाशयों में जल आवक बढ़ गई है। जल संसाधन विभाग जलाशयों का नियंत्रित संचालन कर रहा है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन की आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की है।
UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l जिले में लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण सोंढूर, दुधावा और गंगरेल जलाशयों के कैचमेंट क्षेत्रों में जल आवक लगातार बढ़ रही है। स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग द्वारा तीनों जलाशयों का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने के लिए सुनियोजित एवं नियंत्रित जल प्रबंधन किया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य जलाशयों के जलस्तर को सुरक्षित सीमा में बनाए रखते हुए संभावित बाढ़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटना है।
जल संसाधन विभाग के अनुसार वर्तमान परिस्थितियों में सोंढूर जलाशय से कैनाल के माध्यम से नियंत्रित रूप से पानी दुधावा जलाशय की ओर छोड़ा जा रहा है। साथ ही बढ़ती जल आवक को देखते हुए सोंढूर से दुधावा तथा दुधावा से गंगरेल जलाशय तक क्रमबद्ध तरीके से जल का स्थानांतरण किया जा रहा है, ताकि तीनों जलाशयों का संचालन संतुलित और सुरक्षित बना रहे।
विभागीय जानकारी के अनुसार दुधावा जलाशय अपनी कुल भंडारण क्षमता के 81.14 प्रतिशत तक भर चुका है, जहां 4,440 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई है। वहीं सोंढूर जलाशय 75.02 प्रतिशत क्षमता पर है और वहां 2,205 क्यूसेक जल की आवक हो रही है। दूसरी ओर गंगरेल जलाशय 50.04 प्रतिशत क्षमता तक भर चुका है, जहां 6,261 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई है। विभागीय अधिकारी लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं और आवश्यकता के अनुसार जल निकासी का नियमन किया जा रहा है।
सोंढूर जलाशय के कैचमेंट क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण जल आवक में तेजी से वृद्धि हुई है। वर्तमान में वहां 15,256 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की जा रही है। इस स्थिति को देखते हुए उच्च अधिकारियों के निर्देश पर सोंढूर बांध से सोंढूर नदी में 5,000 क्यूसेक पानी नियंत्रित रूप से छोड़ा जा रहा है। यदि वर्षा और जल आवक में वृद्धि जारी रहती है तो जल निकासी की मात्रा बढ़ाई जा सकती है। इसके मद्देनजर सोंढूर नदी के किनारे बसे गांवों और क्षेत्रों के लिए अलर्ट जारी किया गया है।
इसी प्रकार दुधावा जलाशय में वर्तमान में 7,454 क्यूसेक पानी की आवक होने के कारण वहां से 3,000 क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है, जो आगे गंगरेल जलाशय तक पहुंचेगा। वहीं नवीनतम जानकारी के अनुसार दोपहर 2 बजे गंगरेल (रविशंकर सागर) जलाशय का जलस्तर 344.12 मीटर दर्ज किया गया। जलाशय में 12,522 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है, जबकि 150 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। वर्तमान में गंगरेल जलाशय अपनी कुल भंडारण क्षमता के 50.86 प्रतिशत तक भर चुका है।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने जलाशयों, नदी-नालों और जल प्रवाह वाले क्षेत्रों के आसपास रहने वाले नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने लोगों से तेज बहाव वाले पानी को पार नहीं करने, जलाशयों और नदी-नालों के किनारे अनावश्यक आवाजाही से बचने तथा बच्चों और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर रखने का आग्रह किया है। साथ ही नागरिकों से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जलाशयों का संचालन पूरी सतर्कता, तकनीकी मानकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुरूप किया जा रहा है तथा आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।