रायपुर प्रेस क्लब का ‘पत्रकारिता गौरव मार्तंड उत्सव’ संपन्न, वरिष्ठ पत्रकारों का सम्मान और हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष का उत्सव
हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब ने ‘पत्रकारिता गौरव मार्तंड उत्सव’ का आयोजन किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने टेलीफोन डायरेक्टरी का विमोचन किया और 15 वरिष्ठ पत्रकारों को लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान प्रदान किया गया। पत्रकारिता के इतिहास, वर्तमान चुनौतियों, डिजिटल मीडिया और एआई की भूमिका पर भी व्यापक चर्चा हुई।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित ‘पत्रकारिता गौरव मार्तंड उत्सव’ शनिवार को उत्साह और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। दिनभर चले इस आयोजन में पत्रकारिता के इतिहास, वर्तमान परिदृश्य, नई मीडिया की चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर गंभीर विमर्श किया गया। कार्यक्रम में प्रदेशभर के वरिष्ठ पत्रकारों, मीडिया विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, जनप्रतिनिधियों और पत्रकार साथियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, इंडिया हेरिटेज सेंटर के निदेशक एवं वरिष्ठ पत्रकार के. जी. सुरेश, वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा तथा राम मंदिर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष सुनील रामदास अग्रवाल विशेष रूप से मौजूद रहे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में पत्रकारिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज और शासन के बीच सेतु का कार्य करते हैं तथा राज्य सरकार पत्रकारों के हितों और सुरक्षा को लेकर संवेदनशील है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रायपुर प्रेस क्लब की टेलीफोन डायरेक्टरी का विमोचन भी किया। यह डायरेक्टरी पत्रकारों और मीडिया जगत से जुड़े महत्वपूर्ण संपर्कों का उपयोगी संकलन है, जो भविष्य में संदर्भ सामग्री के रूप में काम आएगी।
कार्यक्रम के दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबे समय तक उल्लेखनीय योगदान देने वाले 15 वरिष्ठ पत्रकारों को ‘जीवन पर्यंत पत्रकारिता सेवा सम्मान’ से सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वालों में शेषकरण जैन, बाबूलाल शर्मा, आशा शुक्ला, नरेन्द्र पारख, आसिफ इकबाल, सुहास राजिमवाले, दिवाकर मुक्तिबोध, कौशल शर्मा, परमानंद वर्मा, राजेश शर्मा (बबलू भैया), ओ. पी. शर्मा, सनत चतुर्वेदी, कौशल मिश्रा, ठाकुर राम साहू और मोहसिन अली सुहैल शामिल रहे।
दूसरे सत्र में ‘पत्रकारिता : स्याही से स्क्रीन तक – चुनौतियां और संभावनाएं’ विषय पर चर्चा हुई। हर्षवर्धन त्रिपाठी, विजय मनोहर तिवारी, सुभाष मिश्रा और गिरीश पंकज ने अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने पत्रकारिता में विश्वसनीयता, निष्पक्षता, फेक न्यूज की चुनौती और बदलते मीडिया परिवेश पर विस्तार से चर्चा की। हर्षवर्धन त्रिपाठी ने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद से मुक्ति की दिशा में हुई प्रगति को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए राष्ट्रीय मीडिया में इस विषय को अपेक्षित स्थान नहीं मिलने पर चिंता जताई।
तीसरे सत्र ‘न्यूज़ रूम से न्यू मीडिया तक’ में अमिताभ अग्निहोत्री, शरद द्विवेदी, विश्वेश ठाकरे, रूद्र अवस्थी और अनिल पुसदकर ने डिजिटल पत्रकारिता के बदलते स्वरूप पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म ने सूचना के प्रसार को गति दी है, लेकिन पत्रकारिता की विश्वसनीयता और तथ्य आधारित रिपोर्टिंग की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते प्रभाव और इसके अवसरों तथा चुनौतियों पर भी चर्चा की गई।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में आयोजित सांस्कृतिक संध्या ने उत्सव को यादगार बना दिया। जेपी ग्रुप के कलाकारों के साथ पत्रकार साथियों ने भी अपनी गायन प्रतिभा का प्रदर्शन किया। शकुंतला तरार, रत्न शर्मा, कौशल सोनवीर, राहुल सिंह, अनिल पुसदकर, मुकेश वर्मा और हेमंत पाणिग्रही की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।
समापन अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने घोषणा की कि हिंदी पत्रकारिता की द्विशताब्दी के उपलक्ष्य में पूरे वर्ष व्याख्यानमाला, संवाद कार्यक्रम, प्रशिक्षण कार्यशालाएं और सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे। इस घोषणा के साथ पत्रकारिता गौरव मार्तंड उत्सव का सफल समापन हुआ।