पुलिस के अनुसार जिले के नक्सलमुक्त क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनाए रखने और नक्सलियों द्वारा पहले से छिपाकर रखे गए हथियार, विस्फोटक एवं अन्य सामग्री की तलाश के उद्देश्य से लगातार संयुक्त सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों को कच्चापाल के जंगल में संदिग्ध स्थान पर छिपाया गया हथियारों का जखीरा मिला।
बरामद सामग्री में एक .303 रायफल, एक .315 रायफल, एक स्थानीय निर्मित बैरल लॉन्चर, .303 बोर के 17 जीवित कारतूस, 7.62 मिमी के 10 जीवित कारतूस, 12 बोर के चार कारतूस, एक खाली .303 मैगजीन, दो कारतूस फिलर और तीन .303 ट्रेसर रॉड शामिल हैं। सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र की गहन तलाशी लेने के बाद सभी सामग्री को सुरक्षित रूप से जब्त कर लिया।
पुलिस का कहना है कि नक्सली संगठन अक्सर जंगलों में हथियार और गोला-बारूद छिपाकर रखते हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका इस्तेमाल किया जा सके। लगातार चलाए जा रहे सर्चिंग अभियानों के कारण ऐसे हथियार डंप सामने आ रहे हैं, जिससे नक्सलियों की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिल रही है।
नारायणपुर पुलिस और बीएसएफ की संयुक्त कार्रवाई जिले में चल रहे नक्सल उन्मूलन अभियान का हिस्सा है। सुरक्षा बल नियमित रूप से संवेदनशील और पूर्व नक्सल प्रभावित इलाकों में सघन तलाशी अभियान चला रहे हैं। अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना तथा नक्सलियों की किसी भी संभावित गतिविधि को समय रहते विफल करना है।
पुलिस ने बताया कि बरामद हथियारों और अन्य सामग्री को विधिवत जब्त कर थाना कोहकामेटा में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में भी सर्चिंग अभियान जारी रखा गया है, ताकि नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए अन्य हथियार, विस्फोटक या संदिग्ध सामग्री का भी पता लगाया जा सके। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे, जिससे नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखते हुए क्षेत्र में स्थायी शांति और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।