खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: 94 किग्रा वर्ग में अरुणाचल के लालू ताकू ने जीता स्वर्ण
रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के वेटलिफ्टिंग 94 किग्रा वर्ग में अरुणाचल के लालू ताकू ने स्वर्ण पदक जीता। आंध्र प्रदेश के मणि शंकर और हिमाचल के खेमराज क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर। रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत पंडित रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी के खेल मैदान में वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता के सीनियर पुरुष 94 किलोग्राम वर्ग में रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। देशभर से आए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने अपनी ताकत, तकनीक और कौशल का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
28 मार्च 2026 को आयोजित इस प्रतियोगिता में अरुणाचल प्रदेश के खिलाड़ी लालू ताकू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने कुल 250 किलोग्राम वजन उठाकर प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान हासिल किया। लालू ताकू ने स्नैच में 110 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 140 किलोग्राम वजन उठाकर अपनी श्रेष्ठता साबित की। उनके इस दमदार प्रदर्शन ने उन्हें अन्य खिलाड़ियों से आगे रखा और वे पूरे मुकाबले में छाए रहे।
दूसरे स्थान पर आंध्र प्रदेश के पी. मणि शंकर रहे, जिन्होंने कुल 244 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक हासिल किया। उन्होंने स्नैच में 106 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 138 किलोग्राम वजन उठाकर कड़ा मुकाबला पेश किया। हालांकि वे स्वर्ण पदक से थोड़ा पीछे रह गए, लेकिन उनका प्रदर्शन भी काफी प्रभावशाली रहा।
तीसरे स्थान पर हिमाचल प्रदेश के खेमराज रहे, जिन्होंने कुल 232 किलोग्राम वजन उठाकर कांस्य पदक अपने नाम किया। उन्होंने स्नैच में 100 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 132 किलोग्राम वजन उठाया। उनके प्रदर्शन में निरंतरता और संतुलन देखने को मिला, जिससे वे शीर्ष तीन में जगह बनाने में सफल रहे।
इसके अलावा प्रतियोगिता में अन्य खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। असम के समुंद्रा दोइमारी और झारखंड के हर्ष कुमार हेम्ब्रम दोनों ने 225 किलोग्राम वजन उठाया, लेकिन वे पदक हासिल करने से चूक गए। वहीं मध्य प्रदेश के किशन भुरिया ने 218 किलोग्राम के साथ अच्छा प्रयास किया।
छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी विरावी खुसरो ने 160 किलोग्राम वजन उठाकर सातवां स्थान प्राप्त किया, जबकि तेलंगाना के वी. अरुण 113 किलोग्राम के साथ आठवें स्थान पर रहे।
यह प्रतियोगिता न केवल खेल प्रतिस्पर्धा का मंच बनी, बल्कि आदिवासी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी साबित हुई। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जैसे आयोजनों से देश के दूर-दराज इलाकों के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का मौका मिल रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से भविष्य में भारतीय खेलों को मजबूत आधार मिलेगा और नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। रायपुर में आयोजित यह प्रतियोगिता खेल भावना, प्रतिस्पर्धा और प्रतिभा का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी।