कवर्धा में स्वदेशी मेला का शुभारंभ, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा बोले– स्वदेशी अपनाने से मजबूत होगी अर्थव्यवस्था
कवर्धा में स्वदेशी मेला का शुभारंभ करते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया। मेले में स्टॉल, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा
कवर्धा में आयोजित स्वदेशी मेला का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री एवं स्थानीय विधायक विजय शर्मा ने पीजी कॉलेज मैदान में किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वदेशी उत्पादों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि स्वदेशी अपनाने से न केवल स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
27 मार्च से 2 अप्रैल तक आयोजित इस मेले में विभिन्न प्रकार के स्वदेशी उत्पादों के स्टॉल लगाए गए हैं, जहां स्थानीय स्तर पर निर्मित वस्तुओं का प्रदर्शन और विक्रय किया जा रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और लोगों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना है।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मेले में लगे स्टॉलों का अवलोकन किया और विभिन्न उत्पादों की जानकारी ली। उन्होंने कारीगरों से संवाद करते हुए उनके कार्य की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल देश में जनसंख्या के साथ-साथ बाजार भी बहुत बड़ा है। यदि हम अपने ही देश में निर्मित उत्पादों का उपयोग करें, तो इससे न केवल हमारी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि देश की समग्र अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने जापान का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के लोग अपने देश में बने उत्पादों को प्राथमिकता देते हैं, जिससे उनकी अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहती है।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि स्वदेशी का वास्तविक अर्थ है कि किसी भी उत्पाद में भारतीय नागरिकों का श्रम और योगदान शामिल हो। ऐसे मेलों के माध्यम से लोगों में स्वदेशी के प्रति जागरूकता बढ़ती है और स्थानीय उत्पादों के प्रति विश्वास भी मजबूत होता है।
स्वदेशी मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है। उद्घाटन अवसर पर बॉलीवुड की पार्श्व गायिका ऐश्वर्या पंडित ने अपनी मधुर प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके गीतों ने पूरे माहौल को संगीतमय बना दिया और लोगों ने कार्यक्रम का भरपूर आनंद लिया।
इसके अलावा मेले में बच्चों और महिलाओं के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है, जिससे उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल रहा है। यह आयोजन महिलाओं को शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का भी एक प्रयास है।
इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे स्थानीय विकास और स्वदेशी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
कुल मिलाकर, कवर्धा में आयोजित यह स्वदेशी मेला न केवल व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र बना है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत पहल के रूप में भी उभरकर सामने आया है।