बचेली के गायत्री मंदिर में कन्या भोज व हवन, मां सिद्धिदात्री की पूजा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

चैत्र नवरात्रि के नवमी पर बचेली के गायत्री मंदिर में हवन और कन्या भोज का आयोजन हुआ। मां सिद्धिदात्री की पूजा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भक्ति का माहौल बना रहा।

Mar 28, 2026 - 18:33
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बचेली के गायत्री मंदिर में कन्या भोज व हवन, मां सिद्धिदात्री की पूजा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

UNITED NEWS OF ASIA. नवीन चौधरी,दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा जिले के बचेली स्थित गायत्री मंदिर में चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर नवमी के दिन श्रद्धा, भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। नौ दिनों तक चले धार्मिक अनुष्ठान का समापन कन्या भोज और हवन कार्यक्रम के साथ विधिवत किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में भाग लिया।

नवरात्रि के अंतिम दिन मां दुर्गा के नवम स्वरूप मां सिद्धिदात्री की विशेष पूजा-अर्चना की गई। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा। मंत्रोच्चार, शंखनाद और “जय माता दी” के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने हवन कुंड में आहुति देकर अपने परिवार और समाज की सुख-समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की।

इस अवसर पर कन्या पूजन का विशेष आयोजन किया गया, जो नवरात्रि की परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। छोटी-छोटी बालिकाओं को माता का स्वरूप मानकर उनके चरण धोए गए, माथे पर तिलक लगाया गया और उन्हें श्रद्धा पूर्वक भोजन कराया गया। कन्याओं को उपहार भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया गया। इस दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने सेवा भाव के साथ कन्याओं का स्वागत और सत्कार किया।

कार्यक्रम का आयोजन गायत्री परिवार के सदस्यों द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित और श्रद्धापूर्ण तरीके से संपन्न कराया। आयोजन में स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने मिलकर इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाया।

मंदिर परिसर में भक्ति, सेवा और समर्पण का जो वातावरण बना, उसने सभी श्रद्धालुओं के मन को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। लोगों ने एक-दूसरे को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं और समाज में शांति, सद्भाव और एकता बनाए रखने का संदेश दिया।

ऐसे आयोजनों का सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व भी होता है, क्योंकि ये लोगों को अपनी परंपराओं और संस्कारों से जोड़ते हैं। कन्या पूजन और हवन जैसे अनुष्ठान न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि समाज में सेवा और सम्मान की भावना को भी बढ़ावा देते हैं।

कुल मिलाकर, बचेली के गायत्री मंदिर में आयोजित यह कार्यक्रम नवरात्रि के समापन का एक भव्य और प्रेरणादायक उदाहरण रहा, जिसमें श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और भक्ति के साथ भाग लेकर इसे यादगार बना दिया।