बारिश के बावजूद उमड़ी श्रद्धा: रायपुर में पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा का तीसरा दिन, बोले – छत्तीसगढ़ धर्मांतरण और नक्सलवाद से मुक्त होने की राह पर

रायपुर के अवधपुरी मैदान में जारी पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की श्रीहनुमंत कथा के तीसरे दिन भी भारी बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। कथा में उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अब धर्मांतरण और नक्सलवाद जैसी चुनौतियों से बाहर निकल रहा है। उन्होंने हिंदू एकता और जागरूकता को अपना उद्देश्य बताते हुए जशपुर में धर्मांतरण विरोधी पदयात्रा और नई दिल्ली से वृंदावन तक यात्रा की घोषणा की। गोरक्षा के लिए उन्होंने तहसील स्तर पर गोधाम बनाने का सुझाव दिया। कथा में केंद्रीय और राज्य मंत्रियों समेत कई नेता उपस्थित रहे।

Oct 6, 2025 - 13:34
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बारिश के बावजूद उमड़ी श्रद्धा: रायपुर में पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा का तीसरा दिन, बोले – छत्तीसगढ़ धर्मांतरण और नक्सलवाद से मुक्त होने की राह पर

UNITED NEWS OF ASIA. रायपुर। राजधानी रायपुर के अवधपुरी मैदान में आयोजित श्री बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की श्रीहनुमंत कथा का आज तीसरा दिन रहा। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश के बावजूद श्रद्धालु दूर-दूर से पहुंचकर कथा का श्रवण कर रहे हैं।

रविवार को कथा के दौरान पं. शास्त्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब धर्मांतरण और नक्सलवाद जैसी दो बड़ी चुनौतियों से मुक्त होने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है, जो प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका संबंध किसी राजनीतिक दल से नहीं है, बल्कि वे हिंदू, हिंदुत्व और हिंदुस्तान के समर्थक हैं। उनका उद्देश्य समाज में हिंदू एकता और जागरूकता को सशक्त बनाना है।

जशपुर में धर्मांतरण विरोधी पदयात्रा की योजना

उन्होंने बताया कि यदि शासन से अनुमति मिली तो वे जशपुर में धर्मांतरण विरोधी पदयात्रा निकालेंगे और वहीं श्रीहनुमंत कथा का आयोजन भी करेंगे।

विदेशी ताकतों पर निशाना, हिंदू राष्ट्र के लिए पदयात्रा

पं. शास्त्री ने कहा कि विदेशी और नास्तिक शक्तियां हिंदुओं को कमजोर करने की साजिश कर रही हैं। देश को हिंदू राष्ट्र बनाने के उद्देश्य से वे 7 से 16 नवंबर तक नई दिल्ली से वृंदावन तक पदयात्रा करेंगे और उसके बाद फिर से छत्तीसगढ़ आएंगे। उन्होंने कहा, “यह भगवान राम और माता कौशल्या की पावन धरती है, यहीं से हिंदू राष्ट्र की भावना साकार होगी।”

गोरक्षा पर सुझाव

गोरक्षा से जुड़े सवाल पर उन्होंने सुझाव दिया कि राज्य सरकार यदि तहसील स्तर पर गोधाम स्थापित करे, जहां 5-5 हजार गोमाताओं को सुरक्षित रखा जा सके, तो सड़क हादसों में कमी आएगी और गोमाताओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

दिव्य दरबार और कथा का कार्यक्रम

उन्होंने बताया कि सोमवार और मंगलवार को अवधपुरी मैदान में दिव्य दरबार का आयोजन होगा। दोपहर 12 से 2 बजे तक श्रद्धालुओं की अर्जी सुनी जाएगी और 3 से 7 बजे तक श्रीहनुमंत कथा का आयोजन होगा।

बुलडोजर राजनीति पर बयान

बाबा बागेश्वर ने बुलडोजर राजनीति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विचारधारा या कानून को “बुलडोजर” से कायम नहीं किया जा सकता। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को शताब्दी वर्ष की शुभकामनाएं दीं और कहा कि संघ ने देश में विचार और संस्कृति की रक्षा का कार्य किया है।

बारिश में भी श्रद्धा का उत्साह

कथा के दूसरे दिन रविवार को भारी बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। बाबा बागेश्वर ने कहा, “वासना और ईर्ष्या की आंखों से हनुमानजी नहीं दिखते, जब विचार बदलते हैं तो हनुमानजी स्वयं दर्शन देते हैं।”

कथा में केंद्रीय मंत्री तौखन साहू, जलशक्ति राज्य मंत्री राजभूषण चौधरी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओपी चौधरी और उपाध्यक्ष नंदन जैन सहित कई नेता उपस्थित रहे।