सुकमा में कांग्रेस ने उठाई निर्दोष आदिवासियों की रिहाई और आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की मांग

सुकमा में जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरीश कवासी ने प्रेसवार्ता कर राज्य सरकार से नक्सली मामलों में जेलों में बंद निर्दोष आदिवासियों की निष्पक्ष समीक्षा कर रिहाई और आत्मसमर्पित नक्सलियों के प्रभावी पुनर्वास की मांग की। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा।

Jul 17, 2026 - 10:59
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सुकमा में कांग्रेस ने उठाई निर्दोष आदिवासियों की रिहाई और आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. रिजेंट गिरी, सुकमा l सुकमा में कांग्रेस ने एक बार फिर नक्सली मामलों में जेलों में बंद निर्दोष आदिवासियों की रिहाई और आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास का मुद्दा प्रमुखता से उठाया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरीश कवासी ने शुक्रवार को आयोजित प्रेसवार्ता में राज्य सरकार से इन दोनों विषयों पर जल्द और ठोस कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार सुकमा को नक्सल मुक्त होने की दिशा में आगे बढ़ता जिला बता रही है, तो इसका लाभ उन लोगों को भी मिलना चाहिए जो वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

सुकमा प्रेस क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में हरीश कवासी ने कहा कि नक्सली मामलों में जेलों में बंद आदिवासियों के प्रकरणों की निष्पक्ष समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि यदि कोई व्यक्ति निर्दोष है तो उसे बिना शर्त रिहा किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई गरीब परिवार अपने परिजनों को जेल से छुड़ाने के लिए जमीन बेचने और वकीलों की फीस जुटाने को मजबूर हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक कमजोर हो रही है।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार का दावा है कि सुकमा में नक्सल प्रभाव लगातार कम हुआ है और क्षेत्र सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहा है, तो ऐसे मामलों की भी प्राथमिकता के आधार पर समीक्षा होनी चाहिए। उनके अनुसार वर्षों से न्याय का इंतजार कर रहे परिवारों को राहत मिलनी चाहिए।

प्रेसवार्ता में हरीश कवासी ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे नक्सलियों के पुनर्वास का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुनर्वास केंद्रों में पर्याप्त सुविधाओं का अभाव है और सरकार द्वारा किए गए कई वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं। उन्होंने मांग की कि आत्मसमर्पित नक्सलियों को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर दिया जाए।

कांग्रेस ने मांग की है कि आत्मसमर्पण कर चुके लोगों को पांच एकड़ कृषि भूमि, आवास, आर्थिक सहायता तथा उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में स्थायी रूप से जुड़ सकें और दोबारा हिंसा की ओर न लौटें।

हरीश कवासी ने कहा कि कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर जल्द ही पीड़ित परिवारों के साथ मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेगी। यदि सरकार उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं करती है, तो पार्टी संभाग स्तर पर आंदोलन करेगी और आवश्यकता पड़ने पर रायपुर जाकर मुख्यमंत्री से मुलाकात भी करेगी।

गौरतलब है कि यह मांग कांग्रेस की ओर से प्रेसवार्ता के माध्यम से रखी गई है। राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों और मांगों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब यह देखना होगा कि सरकार इन मांगों पर क्या निर्णय लेती है और क्या कांग्रेस अपने घोषित आंदोलन कार्यक्रम को आगे बढ़ाती है।