बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत सहसपुर लोहारा में निःशुल्क सिलाई प्रशिक्षण शुरू

कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत महिलाओं और बालिकाओं के लिए निःशुल्क सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग की इस पहल का उद्देश्य कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है।

Jul 17, 2026 - 17:57
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बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत सहसपुर लोहारा में निःशुल्क सिलाई प्रशिक्षण शुरू

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा l महिलाओं और बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कबीरधाम जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा एक नई पहल की गई है। एकीकृत बाल विकास सेवा परियोजना सहसपुर लोहारा के अंतर्गत बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत निःशुल्क सिलाई प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को रोजगारपरक कौशल प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ना तथा आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती और छत्तीसगढ़ महतारी के पूजन-अर्चन के साथ किया गया। कार्यक्रम में नगर पंचायत सहसपुर लोहारा की अध्यक्ष सरिता संतोष मिश्रा, उपाध्यक्ष हेमंत साहू, पार्षद दिवाकर डडसेना सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। उपस्थित अतिथियों ने महिलाओं और बालिकाओं को शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास के महत्व से अवगत कराया और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनप्रतिनिधियों ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का सबसे मजबूत आधार शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण है। यदि महिलाओं को रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराया जाए तो वे न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि अपने परिवार और समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाने और इसे अपने उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में अपनाने की सलाह दी।

परियोजना अधिकारी रीना ठाकुर ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस पहल के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को सिलाई का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रतिभागी स्वयं का रोजगार शुरू कर सकेंगी और आर्थिक रूप से सशक्त बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगी। उन्होंने सभी प्रशिक्षणार्थियों से नियमित रूप से प्रशिक्षण में भाग लेने और सीखे गए कौशल को आजीविका का माध्यम बनाने का आग्रह किया।

प्रशिक्षण के प्रथम दिवस पर प्रशिक्षिका कृष्णा यादव ने प्रतिभागियों को सिलाई मशीन की संरचना, उसके सुरक्षित संचालन तथा सिलाई के प्रारंभिक तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। आगामी सत्रों में प्रतिभागियों को विभिन्न प्रकार के परिधानों की कटिंग, सिलाई और फिनिशिंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि वे प्रशिक्षण के बाद स्वयं का कार्य शुरू करने में सक्षम हो सकें।

कार्यक्रम में पर्यवेक्षक श्यामलता साहू, महेशिया साहू, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं तथा बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थियों और स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही। जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग का मानना है कि इस तरह के कौशल विकास कार्यक्रम महिलाओं और बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनके आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे तथा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के उद्देश्यों को भी मजबूती प्रदान करेंगे।