नेताओं के वादे खोखले, प्रशासन बेपरवाह आजादी के दशकों बाद भी नेहरू नगर और चंद्रनगर की मुख्य सड़क बदहाल, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

बलरामपुर जिले के नेहरू नगर और चंद्रनगर ग्राम पंचायतों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क की जर्जर स्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में देरी, विभागीय उदासीनता और मरम्मत कार्य में अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए प्रशासन से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है।

Jul 17, 2026 - 11:03
Jul 17, 2026 - 11:09
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नेताओं के वादे खोखले, प्रशासन बेपरवाह आजादी के दशकों बाद भी नेहरू नगर और चंद्रनगर की मुख्य सड़क बदहाल, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर l ​बलरामपुर जिला के गांव बदहाल लोकतंत्र की सबसे बुनियादी इकाई ग्राम पंचायत होती है लेकिन आजादी के दशकों बाद भी बलरामपुर जिले की दो प्रमुख ग्राम पंचायतें नेहरू नगर और चंद्र नगरआज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही हैं। इन दोनों पंचायतों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि यह क्षेत्र प्रदेश के कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम का गृह क्षेत्र है फिर भी यहां की जनता को आज तक एक पक्की डामरीकृत सड़क नसीब नहीं हो सकी है।

बारिश में स्वीमिंग पूल और गर्मी में उड़ता धूल का गुबार ​नेहरू नगर और चंद्रनगर को जोड़ने वाला यह मुख्य रास्ता ग्रामीणों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं है स्थानीय लोगों का कहना है ​बरसात के दिनों में यह पूरी सड़क बड़े-बड़े गड्ढों के कारण 'स्वीमिंग पूल' में तब्दील हो जाती है पैदल चलना तो दूर गाड़ियों का निकलना भी नामुमकिन हो जाता है 

गर्मी और सूखे के दिनों में इस उखड़ी हुई सड़क पर धूल का ऐसा गुबार उड़ता है कि लोगों का दम घुटने लगता है और राहगीरों को सांस लेने में तकलीफ होती है ​एमरजेंसी में भगवान भरोसे रहती है जान ​ग्रामीणों ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि अगर रात-बेरात किसी को सांप काट ले या अचानक किसी की तबीयत गंभीर रूप से खराब हो जाए, तो उसे अस्पताल पहुंचाना किसी चमत्कार से कम नहीं होता। 

सड़क खराब होने की वजह से एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती जिससे मरीजों की जान हमेशा दांव पर लगी रहती है ​पीएमजीएसवाई (PMJSY) और पीडब्ल्यूडी (PWD) की उदासीनता ​ग्रामीणों ने अपनी इस समस्या को लेकर PMJSY और PWD विभाग के दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर दर्जनों आवेदन दिए लेकिन अफसरों की बेरुखी का आलम यह है कि उन शिकायतों को रद्दी की टोकरी में फेंक दिया गया ​जब भी विभाग से इस संबंध में सवाल किया जाता है, तो वे पल्ला झाड़ लेते हैं। वहीं दूसरी तरफ, ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों ग्राम पंचायतों के सरपंच और सचिव के लिए यह सड़क भ्रष्टाचार का जरिया बन चुकी है।

सड़क की मरम्मत के नाम पर साल में एक-दो ट्रैक्टर मुरुम मिट्टी गिराकर सरकारी पैसे की बंदरबांट कर ली जाती है, और जिला प्रशासन इस पर आंखें मूंदे बैठा है

​नेताओं के 'आश्वासन का पुल' सिर्फ चुनाव तक चुनाव आते ही बड़े-बड़े नेता और मंत्री चमचमाती गाड़ियों में धूल उड़ाते हुए गांवों का दौरा करते हैं। उस वक्त बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं और आश्वासनों के ऐसे पुल बांधे जाते हैं मानो चुनाव जीतते ही सड़क बन जाएगी। लेकिन जैसे ही 5 साल के लिए कुर्सी मिल जाती है उस काल्पनिक पुल को तोड़कर नेता गायब हो जाते हैं। फिर 5 सालों तक कोई सुध लेने नहीं आता आक्रोशित ग्रामीण
​जिला प्रशासन से गुहार  एक बार खुद आकर देखें हकीकत ​सरकारें बदलती रहीं, व्यवस्थाएं बदलती रहीं लेकिन नेहरू नगर और चंद्र नगर के ग्रामीणों की तकदीर नहीं बदली देश भले ही डिजिटल इंडिया की ओर बढ़ रहा हो लेकिन धरातल पर इन गांवों की बदहाली जिला प्रशासन के दावों की पोल खोल रही है l