समनापुर में आक्रामक हनुमान लंगूर का सफल रेस्क्यू, वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से टला बड़ा खतरा

कवर्धा के समनापुर क्षेत्र में आक्रामक हनुमान लंगूर द्वारा लोगों पर हमले की घटना के बाद वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे सुरक्षित रूप से रेस्क्यू किया। फिलहाल उसे निगरानी में रखा गया है और स्वस्थ होने पर जंगल में छोड़ा जाएगा।

Mar 29, 2026 - 13:18
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समनापुर में आक्रामक हनुमान लंगूर का सफल रेस्क्यू, वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से टला बड़ा खतरा

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा।  छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में स्थित समनापुर क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक आक्रामक हनुमान लंगूर ने राहगीरों और स्थानीय निवासियों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। कवर्धा से भोमरदेव मार्ग पर हुई इस घटना ने लोगों में भय का वातावरण पैदा कर दिया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक बड़ा हादसा टाल दिया।

घटना की सूचना मिलते ही वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) निखिल अग्रवाल ने तत्काल संज्ञान लिया और बचाव कार्य के निर्देश दिए। उनके निर्देशन में उपवनमंडलाधिकारी अभिनव केसरवानी के मार्गदर्शन में कवर्धा परिक्षेत्र की टीम और उड़नदस्ता दल मौके पर पहुंचा। टीम ने बिना समय गंवाए स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रणनीति बनाई और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

रेस्क्यू अभियान के दौरान पशु चिकित्सक डॉ. जडिया और उनकी टीम का विशेष योगदान रहा। उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से लंगूर को ट्रेंकुलाइज (बेहोश) किया, जिससे बिना किसी अतिरिक्त नुकसान के उसे काबू में लाया जा सका। यह प्रक्रिया काफी सावधानी और विशेषज्ञता की मांग करती है, क्योंकि वन्यजीवों को सुरक्षित पकड़ना चुनौतीपूर्ण होता है।

सफल रेस्क्यू के बाद हनुमान लंगूर को बोड़ला स्थित सुरक्षित पिंजरे में निगरानी के लिए रखा गया है। वन विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक उसकी स्वास्थ्य स्थिति का लगातार निरीक्षण किया जाएगा। यदि लंगूर पूरी तरह स्वस्थ पाया जाता है, तो उसे उसके प्राकृतिक आवास यानी वन क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार की घटनाएं अक्सर तब होती हैं जब वन्यजीव अपने प्राकृतिक आवास से भटककर मानव बस्तियों के नजदीक पहुंच जाते हैं। भोजन की तलाश या अन्य कारणों से वे आक्रामक व्यवहार भी कर सकते हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

इस घटना के बाद वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी वन्यजीव दिखाई दे या वह आक्रामक व्यवहार करता नजर आए, तो तुरंत विभाग को सूचित करें। साथ ही, लोगों को सलाह दी गई है कि वे ऐसी परिस्थितियों में स्वयं हस्तक्षेप करने से बचें, क्योंकि यह उनके लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

वन विभाग की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई ने न केवल लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की, बल्कि वन्यजीव संरक्षण का भी एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि सही समय पर उचित कदम उठाकर बड़े हादसों को रोका जा सकता है।