रायपुर कलेक्ट्रेट बैठक में बड़ा फैसला: औद्योगिक इकाइयों को नियमित गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने पर सहमति
रायपुर कलेक्ट्रेट में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में गैस, पेट्रोल, डीजल और उर्वरक आपूर्ति की समीक्षा की गई। औद्योगिक इकाइयों को नियमित गैस सिलेंडर आपूर्ति सुनिश्चित करने पर सहमति बनी, जिससे उद्योग जगत को बड़ी राहत मिलेगी।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के कारण उत्पन्न आपूर्ति संकट को देखते हुए 28 मार्च 2026 को रायपुर कलेक्ट्रेट परिसर के सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य गैस, पेट्रोल, डीजल और उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा करना था। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, उद्योग विभाग के प्रतिनिधियों और व्यापारिक संगठनों के प्रमुख पदाधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में नगर निगम रायपुर के आयुक्त विश्वदीप, अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के मुख्य महाप्रबंधक एम.एस. पैकरा और खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
चेंबर प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी के मार्गदर्शन में कार्यकारी अध्यक्ष जसप्रीत सिंह सलूजा, प्रमुख सलाहकार संतोष जैन, उपाध्यक्ष जितेंद्र शादीजा और छत्तीसगढ़ ग्लास संगठन के अध्यक्ष प्रहलाद शादीजा ने उद्योग जगत की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
बैठक के दौरान जसप्रीत सिंह सलूजा ने गैस आपूर्ति से जुड़ी एक महत्वपूर्ण समस्या को अधिकारियों के सामने रखा। उन्होंने बताया कि गैस एजेंसियां कमर्शियल और इंडस्ट्रियल कनेक्शन को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर औद्योगिक इकाइयों को गैस सिलेंडर देने से इनकार कर रही हैं, जबकि वास्तविकता में सिलेंडर केवल दो प्रकार—डोमेस्टिक और कमर्शियल—के होते हैं। इस विसंगति के कारण उद्योगों को नियमित गैस आपूर्ति नहीं मिल पा रही है।
उन्होंने सुझाव दिया कि औद्योगिक इकाइयों को गैस की आपूर्ति उनके पिछले 11 महीनों के औसत उपभोग के आधार पर सुनिश्चित की जाए। इससे वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और सभी उपभोक्ताओं को समान रूप से लाभ मिल सकेगा।
चेंबर के सलाहकार संतोष जैन ने बैठक में प्लास्टिक उद्योग की समस्याओं को सामने रखते हुए बताया कि गर्मियों के मौसम में प्लास्टिक की टंकियों की मांग काफी बढ़ जाती है। लेकिन एलपीजी गैस की अनियमित आपूर्ति के कारण उत्पादन प्रभावित हो रहा है, जिससे आम जनता को आवश्यक वस्तुएं समय पर नहीं मिल पा रही हैं।
वहीं, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रहलाद शादीजा ने गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान संकट की स्थिति का कुछ लोग गलत फायदा उठा रहे हैं, जिससे वास्तविक उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि कालाबाजारी पर सख्त निगरानी रखी जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
बैठक के अंत में प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया और यह भरोसा दिलाया कि औद्योगिक इकाइयों को गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
यह बैठक उद्योग और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय का एक सकारात्मक उदाहरण साबित हुई, जिससे आने वाले समय में आपूर्ति व्यवस्था में सुधार की उम्मीद की जा रही है।